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ये क्या हो रहा है..??? राजगढ़ में कमलनाथ ने दिग्गीराजा के समर्थक पदाधिकारियों को.. क्यों दिखाया बाहर का रास्ता....

ये क्या हो रहा है..???
राजगढ़ में कमलनाथ ने 
दिग्गीराजा के समर्थक पदाधिकारियों को..
क्यों दिखाया बाहर का रास्ता....

राजनीतिक हलचलों में ऊँठ किस करवट बैठेगा ये कोई नहीं जानता। क्योंकि प्यार कब नफरत में बदल जाये यह कहना काफी मुश्किल होता है। मध्यप्रदेश की राजनीति भी इनदिनों कुछ ऐसी ही कशमकश से झूझ रही है। जहां अंतर्कलह के चलते कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह के निजी प्रभाव क्षेत्र राजगढ़  में उनके सभी समर्थकों को कांग्रेस पार्टी के पदों से हटा दिया है। गौरतलब हो कि राजगढ़ वही क्षेत्र है जहां दिग्विजयसिंह को राजा साहब का सम्मान दिया जाता है। अब ऐसे में खुद के ही गढ़ में खुद के विश्वसनीय पदाधिकारियों को हटाये जाने के बाद अब दिग्विजयसिंह क्या कदम उठाएंगे ये देखना होगा।

नारायण सिंह ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया था कमलनाथ ने सब को हटा दिया 

कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता एवं
पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह के काफी नजदीकी कहे जाने वाले पूर्व सांसद श्री नारायण सिंह आमलाबे ने अस्वस्थता के चलते राजगढ़ जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभास शेखर ने नारायण सिंह को संबोधित करते हुए लिखे पत्र में बताया कि प्रदेश अध्यक्ष श्री कमलनाथ ने न केवल उनका इस्तीफा स्वीकार किया है बल्कि राजगढ़ जिले की पूरी कार्यकारिणी और राजगढ़ में कांग्रेस पार्टी के सभी विभागों, मोर्चा, संबंधित संगठनों के सभी पदाधिकारियों को हटा दिया गया है।

सज्जन सिंह की बयानबाजी बनी सुर्खियां

पूर्व मंत्री, विधायक एवं इन दिनों कांग्रेस पार्टी के हर खास मौके पर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नजदीक खड़े दिखाई देने वाले सज्जन सिंह वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं उनके विधायक भाई लक्ष्मण सिंह को कलयुग की ऐसी संतान बताया था जो मर्यादाओं का सम्मान नहीं करते। इतना ही नहीं सज्जन सिंह वर्मा ने कहा था कि ' दिग्विजय सिंह जी और लक्ष्मण सिंह जी कहां तक पढ़े हुए हैं इसकी खोज कर ले तो पता चल जाएगा कि कौन विद्वान है और कौन कमजोर विद्वान है।

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार