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शनिवार, 8 अगस्त 2020

इंटर्न चिकित्सकों की.. काम बंद हड़ताल.. बिना सुरक्षा उपकरण... कब तक चलाए काम..???

इंटर्न चिकित्सकों की..
काम बंद हड़ताल..
बिना सुरक्षा उपकरण...
कब तक चलाए काम..???

जबलपुर के शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल के इंटर्न चिकित्सकों ने काम बंद हड़ताल शुरू कर दी है.. इंटर्नशिप करने वाले चिकित्सकों की ड्यूटी फीवर क्लीनिक और कोविड-19 सेंटर जैसे महत्वपूर्ण विभागों में लगाई गई है. अब ऐसे में जब कोरोना संक्रमण के आंकड़े दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे है। और अब आम जनता का एकमात्र सहारा बनी फ़ीवर क्लिनिक बिना डॉक्टरों के कैसे संचालित होगी ये चिंता का विषय है।

इंटर्न चिकित्सकों ने लगाया आरोप

इंटर्नशिप करने वाले चिकित्सकों ने जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क, पीपीई किट, सैनिटाइजर नहीं दिए जा रहे हैं और ना ही उनकी नियमित जांच की जा रही है. पिछले 15 दिनों से उन्हें सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए हैं। जिससे वे अब मरीजों के परिजनों से मास्क और ग्लव्स खरीद कर लाने के लिए कहते हैं ।उसके बाद मरीजों की जांच करते हैं जो कि नियम विरुद्ध है. इसके अलावा उन्हे पिछले चार माह से स्टाईपेंड नहीं मिला है जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

चिकित्सक भी हो रहे संक्रमित

इन सभी अव्यवस्थाओ के बीच
अब तक लगभग आधा दर्जन से अधिक इंटर्नशिप करने वाले चिकित्सक और जूनियर डॉक्टर कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और 40 से ज्यादा चिकित्सक होम कोरोंटाईन कर दिए गए हैं. ऐसे हालात खराब हालात मे इंटर्नशिप चिकित्सकों ने काम बंद कर दिया है..

मेडिकल डीन को पत्र लिखकर कराया था अवगत

इन सभी अव्यवस्था से तंग आकर इंटर्न चिकित्सक एवं जूनियर डॉक्टर्स ने  पहले भी मेडिकल कॉलेज की डीन को एक पत्र लिखकर अपनी समस्या से उन्हें अवगत करा दिया था। लेकिन जब उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो अब मेडिकल अस्पताल मे इंटर्नशिप करने वाले चिकित्सकों ने काम बंद कर दिया है।

चिकित्सकों ने किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन

शनिवार की सुबह इंटर्नशिप चिकित्सकों ने डीन कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया और डीन के सामने  अपनी मांगे रखी... इंटर्नशिप चिकित्सकों के समर्थन में मेडिकल अस्पताल के जूनियर डॉक्टर भी इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए और उनकी हड़ताल को अपना समर्थन दिया..
 जूनियर डॉक्टर ने कहा है कि सुरक्षा उपकरणों की कमी से चिकित्सकों की जान को खतरा है ऐसे में अभी इंटर्नशिप करने वाले चिकित्सक हड़ताल पर हैं लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने यदि जल्द इंतजाम नहीं किए इसके बाद जूनियर डॉक्टर भी काम बंद कर देंगे ऐसे में मेडिकल अस्पताल में करोना से संक्रमित मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो जाएगा इसके अलावा अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित सैकड़ों मरीज का इलाज करना थी संभव नहीं हो पाएगा...

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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