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बुधवार, 5 अगस्त 2020

एमपी अजब है.. हाथियों का ब्यूटी पार्लर , जहां मिल रही स्पेशल मजाज़ और डाइट जैसी सुविधाए..

एमपी अजब है..
हाथियों का ब्यूटी पार्लर , 
जहां मिल रही स्पेशल मजाज़ 
और डाइट जैसी सुविधाए..

हिंदुस्तान का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के जलवे ही निराले है। यहां कुछ भी हो सकता है।यकीन नहीं आता तो हमारी ये ख़बर पढ़ने के बाद आपको यकीन आ ही जायेगा।और फिर आप भी गुनगुना उठेंगे...
एमपी अजब है....सबसे गजब है....

हाथियों के लिए रिजुविनेशन केम्प
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मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में हाथियों के लिए रिजुविनेशन केम्प का आयोजन  किया जा रहा है।जिसमे आगामी दिनांक 6 अगस्त से इसका शुभारंभ किया जा रहा है। जो लगातार 6 दिनों तक यानी 12 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान वन्य प्राणियों में सबसे विशालकाय माने जाने वाले हाथियों को कुछ विशेष तरह की सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। इन सुविधाओं में मेडिकल चेकअप के साथ साथ स्पेशल डाइट प्लान और मसाज जैसी खास सुविधाओं का समावेश किया गया है।

हाथियों को तनाव मुक्त करने लग रहा रिजुविनेशन केम्प
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प्रतिवर्षानुसार अपनी परंपरा को निभाते हुए इस साल भी कान्हा टाईगर रिजर्व के 16 हाथियों के लिये  6 अगस्त से 12 अगस्त तक रिजुविनेशन केम्प  का आयोजन किया जा रहा है। हाथियों में नई ऊर्जा के संचार और उन्हें मानसिक आराम देने के उद्देश्य से सूपखार क्षेत्र में होने वाले केम्प में हाथियों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ उन्हें अतिरिक्त खुराक, विटामिन, मिनरल, फल आदि परोसे जायेंगे। हाथियों की सेवा में लगे सभी महावतों और चारा कटरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जायेगा। रिजर्व प्रबंधन द्वारा इन हाथियों का उपयोग वन्यप्राणियों की सुरक्षा गश्ती, रेस्क्यू ऑपरेशन, बाघ उपचार, ट्रांसलोकेशन, वन्य प्राणी अनुश्रवण आदि कार्यो में किया जाता है।

हांथियों को ब्यूटी पार्लर की सर्विस भी मिलेगी

केम्प के दौरान हाथियों के राग रूप को संवारने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। फिजिकल मेंटेनेंस, बालों की छटाई के साथ साथ हाथियों के नाखूनों की ट्रिमिंग, दवा द्वारा पेट के कीड़ों की सफाई और उनके दाँतों की आवश्यकतानुसार  सफाई और कटाई भी की जायेगी।

मसाज सुविधा से हांथी होंगे तनाव मुक्त

क्षेत्र संचालक श्री एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि केम्प के दौरान हाथियों को पूर्ण आराम देने के साथ सभी महावत और चारा कटर उनकी विशेष सेवा करेंगे। इस अवधि में प्रतिदिन सुबह हाथियों को नहलाकर केम्प में लाने के बाद उनके पैर में नीम के तेल और सिर में अरण्डी के तेल की मालिश की जायेगी। इसके बाद उन्हें गन्ना, केला, मक्का, आम, अन्नानास, नारियल आदि खिलाकर जंगल में छोड़ा जायेगा। दोपहर में जंगल से वापस नहलाकर केम्प में लाने के बाद उन्हें रोटी, गुड़, नारियल, पपीता परोसा जायेगा। खाने के बाद उन्हें दोबारा जंगल में छोड़ दिया जायेगा।

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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