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गुरुवार, 6 अगस्त 2020

मुकादमगंज और गलगला में खपता था... एक्सपायरी डेट का सामान.. क्या बड़े व्यापारियों की गिरेबान तक पहुंचेगे-पुलिस के हाथ..

मुकादमगंज और गलगला
में खपता था...
एक्सपायरी डेट का सामान..
क्या बड़े व्यापारियों की गिरेबान तक पहुंचेगे-पुलिस के हाथ..


बीते दिनों जबलपुर में एक्सपायरी डेट बदलकर नई डेट में सामान बिक्री करने के मामले में दो और आरोपियों को गोहलपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है थाना प्रभारी आरके गौतम ने बताया।मजनू और लखन नाम के ये आरोपी 4 गोदामों में पड़े एक्सपायरी डेट के सामान जैसे चाय,काफी,इनो, फेयर एंड लवली जैसी वस्तुओं की डेट चेंज कर उसे बिक्री किया करते थे।पुलिस ने इस मामले में 4 गोदामो को सील कर करीब 40 लाख का माल बरामद किया गया था।

महानगरों से भी जुड़े है तार..

पुलिस पूछताछ में उजागर हुए तथ्यों के अनुसार बहुप्रतिष्ठित कंपनियों
के एक्सपायर हो चुके घरेलू उत्पाद एवं कास्मेटिक सामग्रियों का कारोबार करने वाले नटवरलालों के व्यापारिक संबंध राजधानी दिल्ली के अलावा सूरत व हरिद्वार तक हैं। ये एक ग्रुप नेटवर्क में काम करते है। जिसमे हरेक ग्रुप का रोल फिक्स है। एक माल लाता है...दूसरा उसे स्टोर करता है..तीसरा डेट बदलने संबंधी कार्यो को अंजाम देता है...और चौथा इसे मार्किट में गलाने का काम करता है। अलग अलग लोगों की संलिप्तता होने के कारण ये आसानी से नज़र में भी नहीं आ पाते थे।

कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा..

आपको बतादें की इस गोरखधंधे में सबसे पहले एक्सपायर हो चुके नामी गिरामी कंपनी के माल को दिल्ली के सदर बाजार और सूरत से खरीदने के बाद। उन पर हरिद्वार में बने डुप्लीकेट लेबल चिपकाए जाते थे। फिर कही न जाकर पूरे माल को बेहद कम कीमतों पर शहर को थोक बाज़ारों में उतार दिया जाता था। जहां से बिचौलियों और छोटे व्यापारियों के बीच इस माल को गलाया जाता था।


रिमांड में खुला मजनू का मुंह
मुकादमगंज व गलगला में खपता था माल..

पुलिस रिमांड में प्रकाश उर्फ मजनू चांदवानी ने ने तोते की तरह अपना मुह खोल दिया। और एक एक करके पूरे नेटवर्क की जानकारी दी।
 प्राप्त जानकारी के अनुसार उसका गिरोह मुकादमगंज व गलगला के थोक व फुटकर व्यापारियों को ज्यादा मात्रा में एक्सपायरी सामान नया लेबल लगाकर बेचता था। सूरत व दिल्ली से एमआरपी की तुलना में न्यूनतम कीमत पर एक्सपायरी सामग्री खरीदकर व्यापारियों को भी सस्ते दाम पर बेच देते थे। बहरहाल पुलिस पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनके फर्जीवाड़े की जानकारी किन व्यापारियों को थी। और फिर प्रकरण में उनकी भूमिका तय की जाएगी।

8 साल से चल रहा था कारोबार..
क्या कर रहा था..खाद्य सुरक्षा विभाग..??

सूत्रों की माने तो पिछले 8 सालों से ये नटवरलाल अपने जालसाजी के व्यापार को चला रहे थे। और एक्सपायरी सामग्रियों का खुल्लम खुल्ला व्यापार कर रहे थे। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी भनक भी नही लगी। वो तो सिर्फ तीज त्योहारों में मिठाईयों की सेम्पलिंग करवाकर अपनी ड्यूटी निभा रहा था। हां कभी कभार किसी की शिकायत पर जहमत उठाते हुए कार्यवाही कर दी जाती थी।

पुलिस अधीक्षक का मामले को लेकर कड़ा रुख

इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा काफी सख्त दिखाई दे रहे है। उनके अनुसार इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हर एक जालसाज का पता लगाने के लिए पुलिस टीम को दिल्ली, सूरत व हरिद्वार भेजा जा रहा है। इधर, एक आरोपित से पुलिस ने रिमांड लेकर पूछताछ शुरू की है। उससे और कई खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं जालसाजों का सरगना विक्की चांदवानी की तलाश में पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है। साथ ही जालसाजों की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस एक आरोपित की रिमांड अवधि बढ़ाने की कोर्ट से मांग करने की तैयारी में है।

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ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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