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शनिवार, 22 अगस्त 2020

कोरोना.. सियासत.. और.. फेरबदल..

कोरोना..
सियासत..
और.. फेरबदल..

जो जहां है वहीं रुके....
कोरोना काल चल रहा है...
बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकले..
बीते कई महीनों से ये संवाद आप हर जिम्मेदार अधिकारियों से सुन ही रहे होंगे। बात किसी भी शहर की करें तो एक अधिकारी को महीनों लग जाते है। नए शहर की तासीर समझने को।और फिर नए लोगों से तालमेल बिठाकर काम को सुचारू करने में भी वक्त तो लगता ही है। ऐसे में जब शहर में रोजाना औसतन सैकड़ा मरीज कोरोना से संक्रमित आ रहे हों। जिलाध्यक्ष के तबादले की ख़बर गले से उतरना मुश्किल हो रही है।

 4 जिलों के कलेक्टर और 6 आईएएस अधिकारी इधर-उधर 

मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 जिलों के कलेक्टर सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के 3 अधिकारियों को इधर से उधर किया है।

2008 बैच के अधिकारी श्री भरत यादव को कलेक्टर जबलपुर पद से ट्रांसफर करके कमिश्नर मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड बनाया गया है। 

2010 बैच के अधिकारी श्री कर्मवीर शर्मा को कलेक्टर पन्ना से कलेक्टर जबलपुर का महत्वपूर्ण पदभार दिया गया है। 

श्री संजय कुमार मिश्रा 2011 बैच को संयुक्त आवासीय आयुक्त मध्यलोक भवन मुंबई महाराष्ट्र तथा अतिरिक्त प्रबंध संचालक द प्रोविडेंट इन्वेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड मुंबई (अतिरिक्त प्रभार) से वापस मध्य प्रदेश बुलाकर पन्ना कलेक्टर बनाया गया है।

श्री स्वतंत्र कुमार सिंह 2007 बैच को अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा अतिरिक्त प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड भोपाल के अतिरिक्त प्रभार से संचालक (पुनर्वास) नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण भोपाल।

श्री संजय गुप्ता 2007 बैच स्कोर संचालक पुनर्वास नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण भोपाल से कलेक्टर जिला हरदा।

सुश्री प्रियंका दास 2009 बैच: कलेक्टर जिला मुरैना से प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम भोपाल।

श्री अनुराग वर्मा 2012 बैच को कलेक्टर जिला हरदा से कलेक्टर जिला मुरैना।

आखिर क्या हो सकता है..??
फेर बदल के पीछे का फ़साना..

जानकारों की मानें तो मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने भी इससे जुड़ी सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।
आयोग ने बूथों की संख्या को बढ़ाया है। जल्द ही कोरोना की गाइडलाइन भी जारी हो सकती हैं। आयोग की तैयारी को देख कर लग रहा है कि अक्टूबर में सभी सीटों पर उपचुनाव हो सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो  उप चुनाव के पहले शिवराज-सरकार ने चुनाव वाले जिलों में नए सिरे से जमावट शुरु कर दी है।

बहरहाल संकारधानी अभी बेहद नाजुक हालातों से गुजर रही है। ऐसे में पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीष मिश्रा को अचानक हटाने का परिणाम शहर बखूबी देख चुका है। और अब जिला कलेक्टर भरत यादव का तबादला... कहीं शहर को और मुश्किलों में न डाल दे।

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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