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गुरुवार, 9 जुलाई 2020

सर्पदंश की स्थिति में... क्या करें उपाय..?? जनहित में जारी...

सर्पदंश की स्थिति में...
क्या करें उपाय..??
जनहित में जारी...


(दमोह-प्रतिनिधि) बारिश का मौसम शुरू हो गया है, इस मौसम में जीव जंतुओं का अपने बिलों से बाहर आना लाजमी है, इन जीवों से बचाव के लिये  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संगीता त्रिवेदी को निर्देशित किया है कि चिकित्सालय में एन्टी स्नेक वेनम एवं अन्य दवाईयां की उपलब्धता सुनिश्चित करायें।  आमजनों से कहा है सर्पदंश से घबरायें नहीं अस्पताल पहुंचकर एन्टी स्नेक वेनम निःशुल्क लगवायें!

            मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संगीता त्रिवेदी ने इस संबंध में बचाव व सावधानियों के बारे में बताया जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एन्टी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। तेज गर्मी के बाद बारिश की रिमझिम फुहारों से बिलों में पानी का रिसाव होने से उमस से बचने के लिये सांप बिलो से बहुधा बाहर निकल आते है और लोगो के जीवन के लिये खतरा बन जाते है। ज्यादातर मामले में सांप का काटना जानलेवा नहीं होता है। किसी भी प्रकार के सांप काटने पर यथाशीघ्र नजदीकी शासकीय अस्पताल में पहुंचें। सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति के त्वरित इलाज के लिये नजदीकी शासकीय अस्पताल को सूचित करें। ध्यान रखें सांप काटने पर आरंभ के दो घण्टे व्यक्ति के जीवन के लिये महत्वपूर्ण होते हैं।

            उन्होंने बताया जहरीले सांप के काटने पर व्यक्ति के शरीर में अकड़न अथवा कपकपी के साथ पलकों में भारीपन मुंह से अत्यधिक लार निकलना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। काटे गये स्थान पर तेज दर्द के साथ घाव में लालिमा के साथ चारों ओर सूजन, त्वचा के रंग में बदलाव, एवं अत्यधिक प्यास के साथ, पेट-सिर दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, सांस लेने मे कठिनाई, धुंधली दृष्टि, जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

बचाव एवं आरंभिक उपचार

            डॉ. त्रिवेदी को ने बताया कि सांप काटने के उपचार में सबसे महत्वपूर्ण है कि, जहर को फैलने से बचने के लिये पीडित को यथासंभव सीधा रखते हुये आराम दायक स्थिति में लिटायें। हवा का झोंखा दें। हर संभव प्रयास करें, कि व्यक्ति नींद में न जाये। उससे बातचीत करते रहें। व्यक्ति को शांत और आराम पूर्वक रखे। घाव को साफ पानी से धोकर गीले और साफ पट्टी से कव्हर करें। तुंरत एम्बूलेंस को कॉल करें। शासकीय अस्पताल में यथाशीघ्र पहुंचाने का प्रयास करें, नीम हकीमों में समय व्यर्थ न करें। सांप के काटने का समय ध्यान रखें।

भूलकर भी न करें यह काम...

            घाव वाले हिस्से को ब्लेड या नुकीली चीजों से काटकर, जहर को बाहर चुगने का प्रयास न करें। घाव पर ठंण्डे पानी अथवा बर्फ आदि का प्रयोग न करें। व्यक्ति को एल्कोहल या कैफीन युक्त पेय का कोई अन्य दवा न दें। पीडित को यथासंभव सीधा रखते हुये आराम दायक स्थिति में लिटायें। हवा का झोंखा दें। हरसंभव प्रयास करें, कि व्यक्ति नींद में न जाये। उससे बातचीत करते रहें। सांप को मारने या पकडने का प्रयास न करें यदि संभव हो तो सांप की तस्वीर ले ले मगर उसे मारने में समय बर्बाद न करें। चिकित्सक द्वारा निर्देशित न किये जाने तक व्यक्ति को कोई दवा न दें।

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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