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मंगलवार, 14 जुलाई 2020

सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भरण-पोषण के लिए पहल की गई।

सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भरण-पोषण के लिए पहल की गई।



माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका WP/400/2012 में लिये गये निर्णय दिनांक 15-04-2012 के परिपालन में ट्रांसजेण्डर समुदाय के कल्याणार्थ भारत सरकार द्वारा ट्रांसजेण्डर समुदाय के संरक्षण व अधिकारों के लिए द ट्रांसजेण्डर परसन्स (प्रोटेक्शन आफ राईटस) एक्ट- 2019 दिनांक 5 दिसम्बर 2019 से लागू किया गया है। वर्तमान परिदृश्य में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि ट्रांसजेण्डर समुदाय के प्रति संवेदनशीलता अपनाई जाये।

कोविड 19-वैश्विक महामारी के संक्रमण एवं उसके रोकथाम एवं नागरिकों के जीविकोपार्जन में आ रही चुनौतियों के तहत नागरिकों को राहत प्रदान करने हेतु भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये है।

इस वैश्विक महामारी के दौरान ट्रांसजेण्डर व्यक्ति के समक्ष उत्पन्न जीविकोपार्जन की समस्या के दृष्टिगत उनका संरक्षण, द ट्रांसजेण्डर परसन्स (प्रोटेक्शन आफ राईटस) एक्ट2019 के प्रावधानों का क्रियान्वयन आवश्यक है।

अनुरोध है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान जीविकोपार्जन हेतु आ रही समस्याओं के दृष्टिगत खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत ट्रांसजेण्डर समुदाय
के व्यक्तियों को भी निर्धारित राशन सामग्री उपलब्ध करने का कष्ट करें ताकि उनको भरण-पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके तथा अधिनियम की मूल भावना का परिपालन किया जाना संभव हो सके एवं उनके हितो की रक्षा की जाना संभव हो सके।

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।


विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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