अगर फर्जी विज्ञापन दिखाया.. तो सीधे होगी... जेल.. सरकार ने नियमों को किया सख्त.. - VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

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अगर फर्जी विज्ञापन दिखाया.. तो सीधे होगी... जेल.. सरकार ने नियमों को किया सख्त..

अगर फर्जी विज्ञापन दिखाया..
तो सीधे होगी... जेल..
सरकार ने नियमों को किया सख्त..

आज विज्ञापनों के माध्यम से उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने की होड़ सी लगी हुई है। हर एक कंपनी अपने प्रोडक्ट को बेहतर बताने की प्रतिस्पर्धा में 
के बार कुछ ऐसे दावे या वादे कर बैठती है। जो उसके उत्पादों पर खरा नही उतरते। नतीजतन लुभावने विज्ञापनों के झांसे में आकर ग्राहक उत्पाद (प्रोडक्ट) तो ले लेता है लेकिन बाद में खुद को ठगा महसूस करता है।

नए कानून से लगेगी लगाम...

उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने  के लिए सरकार नया उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 ला रही है। ये नया कानून 20 जुलाई से लागू होगा। नए कानून में भ्रामक विज्ञापन देने पर कार्रवाई करने का प्रावधान है। केंद्र सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह कानून उपभोक्ता संरक्षण कानून की जगह लेगा। गोरा बनाने, हाइट बढ़ाने या फिर मोटापे से छुटकारा जैसे फर्जी विज्ञापन दिखाने पर कंपनियों को जुर्माना भरना पड़ सकता है।

कितना लगेगा जुर्माना?

शरीर को आकर्षक बनाने के झूठे वादे वाले विज्ञापन दिखाने पर कंपनियों को 1 लाख रुपए तक जुर्माना और 6 महीने कारावास का प्रावधान किया जा रहा है।   यदि किसी व्यक्ति को कंपनी के प्रोडक्ट से कोई नुकसान पहुंचता है तो कंपनी पर 5 लाख रुपए तक जुर्माना और 7 साल कारावास का प्रावधान किया जा रहा है। वहीं अगर उपभोक्ता की मौत हो जाती है तो कंपनी पर 10 लाख रुपए तक जुर्माना और 7 साल कारावास का प्रावधान किया जा रहा है।

अभी क्या हैं प्रावधान?

कानून में अभी जुर्माने का जो प्रावधान है, वह कंपनियों को ऐसे भ्रामक दावे करने से रोकने में नाकाफी है। वर्तमान में इस तरह विज्ञापन दिखाने पर 6 महीने तक की जेल या जुर्माना या दोनों ही हो सकते हैं। वहीं दूसरी बार या इससे ज्यादा बार दोषी पाए जाने पर 1 साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते है। फिलहाज जुर्माने के रूप में ज्यादा रकम वसूलने का प्रावधान नहीं है।

विकास की कलम की अपील

विक्स की कलम अपने बुद्धिमान पाठकों से अनुरोध करती है। कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार का भ्रामक या फर्जी दावे प्रस्तुत करने वाले विज्ञापन की सूचना मिली तो सबसे पहले इसकी शिकायत संबंधित विभाग से जरूर करें। हो सकता है आपकी यह  जागरूकता किसी के साथ होने वाले धोखे से उसे बचा सकती है।

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।


विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार