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बुधवार, 1 जुलाई 2020

बुजुर्ग पिता को सताने वाली संतान अब हुई संपत्ति से बेदखल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का सहयोग

बुजुर्ग पिता को सताने वाली संतान
अब हुई संपत्ति से बेदखल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का सहयोग

अब बुजुर्ग मां बाप को सताना संतान को पड़ सकता है महंगा...क्योंकि अगर कलयुगी संतान बुजुर्ग माँ-बाप को सताएगी तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बनेगा बुजुर्गों का सहारा...और दिलवाएगा न्याय...
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस अनूठी पहल से अब तक कई बुजुर्गों को इसका लाभ मिल चुका है।

जबलपुर में बुजुर्ग को मिला न्याय..

ऐसा ही एक मामला जबलपुर जिले से आया है ।जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से नेहरू नगर मे‍डिकल कॉलेज थाना गढ़ा निवासी 77 वर्षीय वृद्ध जगतराज जैन ने उन्‍हें प्रताडि़त करने वाली संतान को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया है।

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बुजुर्ग को सताती थी संतान

अनावेदक संतान बुजुर्ग के साथ रहते थे लेकिन उनका व्‍यवहार बुजुर्ग ने प्रति अपमानजनक होने से बुजुर्ग उन्‍हे अपनी संपत्ति से हटाना चाहता था। इस संबंध में बुजुर्ग ने अधिवक्‍ता के माध्‍यम से अपनी अनावेदक संतान पक्ष के विरूद्ध संदिर्भित एसडीएम सीनियर सिटीजन अधिकरण में अपना दावा लगाया था। जो अधिकरण ने यह व्‍यक्‍त करते हुये कि यह मामला भरण पोषण का नहीं है। बुजुर्ग का दावा निरस्‍त कर दिया था। जिससे वृद्ध अवसाद की स्थिति में आ गया था।

मीडिया के माध्यम से मिली राह...

अचानक बुजुर्ग ने  एक दिन किसी समाचार पत्र में एक अन्‍य बुजुर्ग बलजीत भाटिया के अनावेदक संतानों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से नि:शुल्‍क सहायता दिया जाकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बेदखल कराये जाने का समाचार पढ़ा। तो उसे फिर से न्‍याय की उम्‍मीद जागी तथा वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में आया था।

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विधिक सेवा प्राधिकरण ने दिलाया बुजुर्ग को न्याय...


 जहां विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उसका मामला देखा जाकर उसकी नि:शुल्‍क अपील मर्यादा अधिनियम के आवेदन के साथ तैयार करवा प्रो-बोनो अधिवक्‍ता संजय सिंघई जो कि नि:शुल्‍क रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अपनी सेवा देते है के साथ अपीलीय सीनियर सिटीजन अधिकरण भरत यादव के यहां दायर कराया गया तथा इस प्रकरण में लिखित तर्क स्‍वयं सचिव शरद भामकर द्वारा तैयार किये गए तथा प्रो-बोना अधिवक्‍ता के माध्‍यम से इस प्रकरण की अंत तक मॉ‍नीटरिंग कराई गई।


अपीलीय सीनियर सिटीजन अधिकरण ने प्राधिकरण के लिखित तर्कों से सहमत होकर मर्यादा अधिनियम का आवेदन स्‍वीकार करते हुये बुजुर्ग के अनावेदक संतान पक्ष के बेदखली का आदेश किया तथा अधीनस्‍य अधिकरण का आदेश पलट दिया जिसके विरूद्ध अनावेदक पक्ष द्वारा उच्‍च न्‍यायालय में भी स्‍थगन आवेदन लगाया था । जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्‍च न्‍यायालय विधिक सेवा समिति के सचिव एवं रजिस्‍ट्रार राजीव करमहे से समन्‍वय कर पैनल अधिवक्‍ता निर्मला नायक के सहयोग से बुजुर्ग का पक्ष पेश किया गया। जहां अनावेदक पक्ष को उच्‍च न्‍यायालय द्वारा स्‍थगन नहीं दिया गया। इसके पश्‍चात् अपीलीय सीनियर सिटीजन अधिकरण के आदेश का निष्‍पादन कार्यवाही भी प्रो-बोनो अधिवक्‍ता संजय सिंघई द्वारा त्‍वरित कराई गई। संदर्भित तहसीलदार प्रदीप कुमार मिश्रा द्वारा भी त्‍वरित कार्यवाही करते हुये बुजुर्ग की अनावेदक संतान पक्ष को बेदखल कराया गया जो कि अपीलीय अधिकरण के आदेश का पालन नहीं कर रहे थे। इस प्रकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अल्‍प समय में ही बुजुर्ग को नि:शुल्‍क विधिक सहायता प्रदान की जाकर न्‍याय प्रदान किया गया।

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मीडिया ने निभाई जिम्मेदारी..

जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रदीप ठाकुर द्वारा बताया गया कि सभी समाचार पत्र बुजुर्गों के ऐसे मामले के समाचार प्रमुखता से प्रसारित करते है, जिसका परिणाम यह हो रहा है कि प्रतिदिन कई बुजुर्ग समाचार पत्र पढकर नि:शुल्‍क सहायता हेतु सीधा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पहुंच रहे है।
ऐसे में जिम्मेदार मीडिया ने इस पहल में  अपनी अहम भूमिका निभाई है।

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार


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