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गुरुवार, 30 जुलाई 2020

अजय विश्रोई का ट्वीट बाण.. जानिए इस बार..निशाने पर कौन..??

अजय विश्रोई का ट्वीट बाण..
जानिए इस बार..निशाने पर कौन..??

मध्यप्रदेश की राजनीति में सिंधिया फेक्टर ने पुराने दिग्गजों पर काफी गहरा असर डाला है। यही कारण है कि बाहर से मजबूत दिख रही मध्यप्रदेश की भाजपा में अंदरूनी कोल्ड वार जारी है। आपको बतादें की भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से अपनी नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं।

विश्नोई ने फिर चलाये ट्विटर बाण

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में ग्रामीण विधानसभा पाटन से विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्रोई  सिंधिया और उनके समर्थकों की एंट्री के बाद से कई बार ट्वीट के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उनके इन ट्वीट बाण को विपक्षी दल बाकायदा तबज्जो भी देता आ रहा है।
एक बार फिर अजय विश्रोई का ट्वीट चर्चा में है। हालांकि इस बार उन्होंने संगठन या पार्टी नेताओं पर नहीं बल्कि निजी मेडिकल कॉलेज में कोरोना के ईलाज पर सवाल उठाया है।

इस बार ट्विटर पर क्या बोले-विश्नोई

भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने एक बार फिर ट्वीट कर अपनी ही सरकार को घेरा है। उनके ट्वीट के बाद सियासत गर्मा गई है और भाजपा में हडक़ंप मच गया है। वहीं कांग्रेस ने अजय विश्रोई का समर्थन किया है। दरअसल अजय विश्नोई ने ट्वीट कर चिरायु अस्पताल में सीएम शिवराज और वीआईपी लोगों के ईलाज कराए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा सीएम शिवराज सिंह चौहान चिरायु अस्पताल में स्वास्थ्य का लाभ कर रहे हैं। मेरी शुभकामना है, शीघ्र स्वस्थ होकर वापस लौटें। साथ ही मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है, चिरायु अस्पताल में रहते हुए यह भी देखें कि चिरायु में ऐसा क्या है जो हम नो लिमिट बजट और सतत मॉनिटरिंग के बाद भी प्रदेश के एक भी शासकीय मेडिकल कॉलेज 4 माह में नहीं बना पाए। क्यों प्रदेश के सभी वीआईपी चिरायु की शरण में जाने मजबूर हैं। गौरतलब है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से ही अजय विश्नोई नाराज बताए जा रहे हैं।

विपक्ष को मिला मुद्दा-विश्नोई के ट्वीट 
पर कांग्रेस का समर्थन

वहीं भाजपा विधायक अजय विश्रोई के ट्वीट का कांग्रेस ने समर्थन किया है और सीएम से जवाब मांगा है। कांग्रेस नेता नरेन्द्र सलूजा ने अजय विश्रोई के सवालों को सही बताते हुए कहा कि ‘पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने ठीक सवाल उठाया है। क्या कारण है कि सीएम सहित सारे वीआईपी चिरायु में इलाज करवा रहे है, आखिर वहाँ ऐसा क्या है? क्या कारण है कि 15 वर्ष की भाजपा सरकार में एक भी ऐसा शासकीय अस्पताल नहीं बना, कोरोना से इलाज के लिये एक भी शासकीय मेडिकल अस्पताल तैयार नहीं हुआ?

आगे जाने राम क्या होगा..???

महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा विधायक अजय विश्रोई ने अपनी सरकार को घेरा हो। इससे पहले भी मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर विभाग बंटवारे तक कई बार उन्होंने ट्वीट कर सवाल उठाए हैं।लेकिन अपनी ही पार्टी में तबज्जो न मिलने की टीस कहीं विश्नोई के ट्वीट से साफ झलक रही है। इससे पहले अजय विश्नोई ने विधायकों की कांग्रेस छोडने और बीजेपी में शामिल होते ही कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलने पर ट्वीट कर लिखा था कि
इस हाथ दे-उस हाथ ले, का
शानदार उदाहरण प्रस्तुत हुआ है, म.प्र. की वर्तमान राजनीति में..
आज जब सरकार ना तो बनाना थी और न गिराना। फिर यह क्यों किया गया?
आप भाजपा को कहां ले जाना चाहते हैं? जनता को बताए ना बताए भाजपा को यह बताना होगा। या फिर हमें संस्कारों का उल्टा पाठ पढ़ाना होगा। वही विभागों के बंटवारे में हो रही देरी को लेकर पार्टी पर तंज कसा था। विश्नोई ने कहा था कि पहले मंत्रियों की संख्या और अब विभागों का बंटवारा। मुझे डर है कही भाजपा का आम कार्यकर्ता हमारे नेता की इतनी बेइज्जती से नाराज न हो जाय। नुकसान हो जाएगा।


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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार





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