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मंगलवार, 21 जुलाई 2020

बिटिया ने कर तो लिया टॉप लेकिन कौन दिलवाएगा.. सरकारी सुविधाओं का लाभ... विकास की कलम पहुंची पीढिता के घर

बिटिया ने कर तो लिया टॉप
लेकिन कौन दिलवाएगा.. 
सरकारी सुविधाओं का लाभ...
विकास की कलम पहुंची पीढिता के घर
अमित श्रीवास्तव-(सिवनी)
यूं तो सरकार गरीब और पिछड़ा वर्ग के लिए कई सारी योजना चला रही है । जिसमें सरकार दम भरती है कि अंतिम छोर के व्यक्ति को भी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है । लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। यहां हर काम सेटिंग और कमीशन का है। यदि लाभ चाहिए तो कोई मायने नहीं रखता की आप जरूरत मंद है या नहीं। बस जिम्मेदारों की हथेली गर्म कीजिये और फिर सभी योजनाएं आप की मुठ्ठी में...
और इन सबके बीच जरूरत मंद गरीब परिवार बस अपनी किस्मत को ही कोसता रह जाता है।

क्या है मामला...?? कहाँ की है घटना..

आज विकास की कलम अपने पाठकों को मध्यप्रदेश के छपारा विकासखंड के ग्राम देवगांव की एक ऐसी हकीकत से रूबरू कराने जा रही हैं, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। जहां मदन झारिया की बेटी  साक्षी ने सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हुए दसवीं बोर्ड परीक्षा में टॉप किया है । जिसने अपनी मेहनत और लगन से 94% अंक प्राप्त किए हैं। और बिटिया की इस उपलब्धि से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
 लेकिन वहीं दूसरी ओर परिवार आगे की पढ़ाई के लिए साक्षी और उसका परिवार मायूस नजर आता है।
मदनलाल मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते है।
आपको बतादें कि मदनलाल  झारिया के पास राशन कार्ड भी नहीं है। ना ही घर में शौचालय है। ना उनके परिवार को उज्जवला योजना से गैस सिलेंडर मिला है। लेकिन इसके बाद भी परिवार अपनी गुजर-बसर कर रहा है । ऐसा नहीं है कि इन सुविधाओं के लिए परिवार ने कभी मांग न कि हो...लेकिन जिम्मदारों के चोचले हर बार जरूरत मंद के हौसले परस्त कर देते है।
अब जबकि मदनलाल की बेटी ने अपनी मेहनत आवर लगन से दसवीं में टॉप कर लिया है। तो सरकार की योजनाओं के जरिए आगे की पढ़ाई के लिए गरीबी रेखा के कार्ड की जरूरत है। घर के हालात देखकर तो कोई भी कह दे कि ये गरीबी रेखा कार्ड के हकदार है। लेकिन जिम्मदारों के सामने उन्हें अपने गरीब होने का भी सबूत देना होगा।
अब सवाल यह है कि...
क्या इस होनहार बिटिया की लगन अफ़सर शाही की भेंट चढ़ जाएगी

विकास की कलम पहुंची बिटिया के घर


 जब इस मामले में हमने ग्राउंड जीरो में जाकर जायजा लिया तो हमने पाया कि परिवार का एक कच्चा मकान है। जहां परिवार रहता है । जिनके घर में ना तो शौचालय है ...ना ही उज्जवला योजना से मिलने वाला रसोई गैस सिलेंडर चूल्हा है। परिवार को सरकारी योजनाओं की दरकार है। लेकिन जिम्मेदारों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही।

इंजीनियर बनना चाहती है साक्षी...

टॉपर छात्रा साक्षी झारिया से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि मुझे आगे पढ़ाई का मौका मिला तो मैं इंजीनियर बनना चाहती हूं। साक्षी अपनी मां के साथ घर के कामकाज करने के साथ-साथ पढ़ाई भी करती है और आगे पढ़ लिखकर अपने माँ बाप का नाम रोशन करना चाहती है।

हमने की जिम्मदारों से बात..

इस पूरे मामले में विकास की कलम के प्रतिनिधियों ने सबसे पहले छपारा तहसीलदार नितिन गौड से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले से  अवगत कराया । उन्होंने टॉपर छात्रा को शुभकामनाएं देते हुए यह विश्वास दिलाया है कि परिवार को सभी योजना का लाभ दिलाया जाएगा।

विधायक दिनेश राय मुनमुन  ने की छात्रा की प्रशंसा

टॉपर छात्रा को उसके भविष्य के लिए बेहतर सुविधा मिल सके । इस आशय से विकास की कलम के प्रतिनिधियों अमित श्रीवास्तव और हाशिम खान ने
क्षेत्रीय विधायक दिनेश राय मुनमुन को भी तत्काल फोन लगाकर मामले से अवगत कराया।
उन्होंने भी छात्रा को हर संभव मदद करने की बात कही है।

विकास की कलम की अपील

विकास की कलम अपने तमाम बुद्धिजीवी पाठकों से अनुरोध करती है कि यदि उनके आसपास भी ऐसी कोई होनहार प्रतिभा हो जो कि सुविधाओ के अभाव में आगे न बढ़ पा रही हो। तो तत्काल हमसे संपर्क करें। ताकि आप सभी के सहयोग से जरूरत मंदों को उनका हक दिलवाया जा सके।


नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।


विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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