झूठ फरेब और धोखाधड़ी का गढ़ बनी चारनखापा पंचायत..... - VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

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झूठ फरेब और धोखाधड़ी का गढ़ बनी चारनखापा पंचायत.....

झूठ फरेब और धोखाधड़ी का गढ़ बनी
चारनखापा पंचायत.....

(सुदेश नागवंशी -छिंदवाड़ा)
विकास की कलम ने वैसे तो कई भरस्टाचारियो का पर्दाफाश किया है। लेकिन आज हम एक ऐसी पंचायत के विषय मे आपको बताने जा रहे है। जहां नीचे से लेकर ऊपर तक सभी चोर-चोर...मौसेरे भाई बनकर आम जनता का शोषण करते हुए मलाई चाट रहे है।यह सिर्फ एक कहबर नही बल्कि प्रदेश के मुखिया के नाम एक खुला पत्र भी है। कि शिवराज खुद देखें कि उनकी नाक के नीचे कैसे पद का दुरुपयोग कर। जिम्मेदार अपनी तिजोरियां भर रहे है।

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कहाँ का है मामला

झूठ फरेब और धोखाधड़ी से लिप्त यह पंचायत मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत आने वाली अमरवाड़ा जनपद की चारनखापा पंचायत है। जहां सरपंच सचिव से लेकर अधिकारी तक एकजुट होकर भृष्टाचार का एक महाकाव्य लिखने में जुट गए है।छोटी से छोटी योजना से लेकर बड़े प्रोजेक्ट तक इन लोगों की बारीक नज़र रहती है। और जैसे ही कोई काम हाथ आता है। वैसे ही सब एकजुट होकर दीमक की तरह योजनाओं का लाभ चट कर जाते है। इस बीच आम आदमी यह सोचता ही रह जाता है कि आखिर सरकार ने उनके लिए किया ही क्या है। अब उन्हें कौन बताए कि...सरकार तो बहुत कुछ कर रही है...पर इनके जैसे लोगों ने सरकार की छबि में पलीता लगाने की जैसे कसम ही कहा ली है।

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मजदूरों का हक डकार रहे जिम्मेदार

कोरोना वायरस महामारी के चलते बड़ी संख्या में अन्य राज्यों में रोजगार की तलाश में गए मजदूरों के घर वापस आने पर उनके घर गांव में रोजगार के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम नरेगा योजना के अंतर्गत निस्तार तालाब निर्माण आदि कार्य कर उन्हें रोजगार दिया जा रहा है । इस योजना में रोजगार के लाभ से कुछ अधिकारियों की मनमानी के चलते हजारों मजदूर वंचित है ऐसा ही मामला अमरवाड़ा जनपद के चारनखापा पंचायत के अधीनस्थ  झिरपानी ग्राम में देखने को मिला यहां की ग्राम पंचायत में निस्तार तालाब निर्माण किया जा रहा है। जिसकी लागत 14 लाख 87 हजार रुपए और दूसरा तालाब 14 लाख 7 हजार रुपए के करीब है इस तालाब में ग्रामीणों को रोजगार देने के बजाय ट्रेक्टर  और जेसीबी, धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। जिसके चलते यहां के ग्रामीण बड़ी संख्या में बेरोजगार है क्योंकि इस गांव के कुछ लोगों को ही वहां पर रोजगार दिया जा रहा है जबकि कई लोगों का यह कहना है कि हमें मजदूरी के लिए नहीं बुलाया जा रहा है साथ ही ना रोजगार दिया जा रहा है और और घटिया तालाब का निर्माण किया जा रहा है।

एक तालाब 14 लाख 87 हजार रुपए और दूसरा तालाब 14 लाख 7 हजार रुपए की लागत से हो रहा घटिया निर्माण सरपंच सचिव मेहरबान*

देश की गरीबों को रोजगार देने की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण योजना मनरेगा में धांधली का मामला सामने आया है। अमरवाड़ा जनपद पंचायत  ग्राम पंचायत चारनखापा के दर्जनों ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताएं की तालाब में भारी भस्टाचार सरपंच और सचिव की सांठगांठ द्वारा मनरेगा के तहत खोदे जाने वाले तालाब का काम गांव के मनरेगा मजदूरों से कराने के बजाय जेसीबी मशीन लगाकर करवाया जा रहा है।इस मामले में प्रशासनिक उदासीनता का आलम यह है कि काम रूकवाना तो दूर जांच तक नहीं की गई और जिम्मेदार कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मनबढ़ सरपंच का सरकारी धन खपाने का यह नायाब तरीका अपने आप में ढ़ेरों सवाल खड़ा करता है। मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों के नाम का प्रयोग कर गरीबों को रोजगार के लाभ से वंचित कर दिया गया। दिन और रात में होने वाली तालाब की खुदाई को लेकर कोई भी अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहा है। जिस वजह से अब तालाब की खुदाई का काम मशीन द्वारा पूरा किया जा रहा है।

गांव के सरपंच निर्जला बाई का बेटा की दबंगई के आगे किसी भी मनरेगा मजदूर की हिम्मत नहीं कि वह मशीन को रोक सके। मनरेगा के तहत मजदूरों से होने वाले कामों को जेसीबी मशीन द्वारा कराकर धन निकाला गया है। ग्रामसभा में आज भी इस महत्वपूर्ण योजना में घोटाला बदस्तूर जारी है। सचिव कार्यप्रणाली से गांव के मनरेगा मजदूर भूखा मरने के कगार पर हैं। बहरहाल सरपंच निर्जला बाई का बेटा उमेश मर्सकोले सचिव आसाराम चंद्रवंशी व इसमें संलिप्त विभागीय अधिकारी जिम्मेदार जिस प्रकार से जेसीबी मशीन से तालाब की खुदाई कराके मनरेगा मजदूरों के हक पर डाका डाल रहे हैं। *इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार की छवि धूमिल करने का उक्त सरपंच सचिव ने मन बना लिया है।*

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प्रशासन की अनदेखी से कागजों में खर्च हो रही तालाब निर्माण की राशि

 ग्राम पंचायतों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने तालाबों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन राशि केवल कागजों पर ही खर्च हो रही है। मौके पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। मजदूरों से काम करवाने की जगह मशीनों से करवाया जा रहा है।जनपद पंचायत अमरवाड़ा की ग्राम पंचायत चारनखापा में तालाब बनाने और पुराने तालाबों के फर्जी मस्टरोल और फर्जी बिल के नाम पर राशि तो निकल रही है, लेकिन मौके पर काम नजर नहीं आ रहा है। हालत यह हैं कि कई जगहों पर जेसीबी से गड्ढे कर राशि निकाल ली गई और कुछ जगहों पर मुरम के अवैध उत्खनन से बने गड्ढों के नाम पर ही पैसा निकाला गया है। अमरवाड़ा जनपद की चारनखापा पंचायत में चल रहे हैं। नवीन तालाब निर्माण का काम किया जा रहा है। जिसकी अनुमानित लागत 14 लाख 87 हजार रुपए हैं। जिसमें से लेबर पर खर्च किए जाना है ।लेकिन यहां लेबर की जगह जेसीबी से हल्की खुदाईकरवाकर पार के लिए मुरम का ढेर लगवा दिया गया है।कागजों में लेबर कुछ ही मात्र में जबकि ग्रामीणों के अनुसार सारा काम मशीनों से किया गया है ।

नही हो रहा रेत का उपयोग , गिट्टी के मिट्टी बाला डस्ट से हो रहा निर्माण

जिस पत्थर की लगा रहे गिट्टी उसी गिट्टी से निकली डस्ट का रेत में    उपयोग , भृष्टचार करने के लिए कोई कसर नहीं
शासन द्वारा जिले तहसील और गांवों में लाखो करोड़ों रुपए खर्च कर तालाब बना रही जिससे की लोगों को पानी की किसी प्रकार से कोई दिक्कत न हो, लेकिन अफसरों की अनदेखी के चिलते सरपंच सचिव द्वारा गुणवत्ता को दरकिनार कर निर्माण किया जा रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि तालाब निर्माण के दौरान सचिव सरपंच द्वारा गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रेत की जगह डस्ट मिलाई जा रही है जहां गिट्टी का उपयोग सही मात्रा में नहीं हो रहा। जिसके कारण तालाब बनते ही एक ही बरसात के पानी मे तालाब बह सकता है ।मस्त्री ने बताया गिट्टी की डस्ट से जुड़ाई कर रहे है जिसमे हम 30 गमेला गिट्टी और 20 गमेला डस्ट 1बोरी सीमेंट में डाल रहे है और निमार्ण कर रहे है ।

भृष्टाचार की परत दर परत की इबारत लिखी जा रही हैं झिरपानी तालाब निर्माण में

उपयंत्री महेंद्र बघेल के सरक्षण से चल रहा पूरा खेल

ग्रामीणो ने उपयंत्री पर आरोप लगाते हुए बताया है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की परख करने के लिए अमरवाड़ा जनपद मे पदस्थ उपयंत्री आफिस मे ही बैठकर सब लीपापोती कर लेते है । निर्माण स्थल पर जाकर गुणवत्ता की परख उनके आफिस मे ही रूपयो के लेन-देन से हो जाती है, ग्रामीणो ने आरोप लगाया है कि उपयंत्री निर्माण कार्यो की जांच करने कभी भी नही आते है, जिससे सरपंच, सचिवो के हौसले बुलंद पर रहते है। हालांकि इस तरह का यह कोई ग्राम पंचायत चारनखापा का पहला मामला नही है, अमरवाड़ा जनपद कार्यालय मे पदस्थ  उपयंत्री महेंद्र बघेल किसी भी ग्राम पंचायतो मे निर्माण कार्यो की परख करने नही जाते है, कार्यालय मे ही बैठकर मोटी रकम पाकर कागजी कार्यवाही पूरा कर देते है, लोगो ने दोषी उपयंत्री पर भी कार्रवाई की मांग की है। अमरवाड़ा की चारनखापा ग्राम पंचायत के झिरपानी में चल रहे निस्तारी तालाब निर्माण में जमकर लापरवाही सामने आई स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया गिट्टी की डस्ट और कम मात्रा में सीमेंट लगाया जा रहा है ऐसी लापरवाही बढ़ती जाने से यह निस्तारी तालाब ज्यादा समय तक नहीं चल पाएगे सरपंच सचिव उपयंत्री की मिलीभगत से शासन की बहुमूल्य राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है गुणवत्ताहीन तालाब का घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा हैं ।

भुगतान के लिए मजदूर परेसान है। आपको बतादे की
6 हप्ते से जा रहे मजदूरों का अभी तक नही हुआ भुगतान मस्टरोल भरने के बाद भी सचिव के द्वारा मस्टरोल बाउचर नही भेज रहे जिससे मजदूरों को मजदूरी नही मिल रही हैं ।

इनका कहना है

हमारे सचिव महोदय ने गिट्टी और बजरी का उपयोग करने के लिए कहा  है मुझे भी लगता है ये एक ही बरसात पानी मे भह जाएगा तालाब सरपंच सचिव मनमानी कर रहे है जिसमे हमे कहा गया है कि 20 गमेला गिट्टी और 12 गमेला गिट्टी का डस्ट और एक बोरी सीमेंट से ही निमार्ण करबा रहे है सरपंच सचिव
सहेश परतेती मिस्त्री


झिरपानी के पंच के द्वारा कई बार सरपंच सचिव को बोलने के बाद भी घटिया निर्माण किया जा रहा है जिससे एक ही बरसात का पानी से तालाब बह जाएगा सरपंच सचिव की जाँच कर कार्यवाही की जाए ।
मंगलसी उईके पंच झिरपानी

 में हाजरी और देख रेख का पूरा काम कर रहा हूँ जिसमे मुझे 50 बोरी सीमेंट में बनबाना है ऐसा सरपंच बेटा और सचिव ने कहा जो में 30 गमेला गिट्टी और 20 गमेला गिट्टी का डस्ट से बना रहे है क्योकि रेत का बिलकुल उपयोग नही हो रहा है तो ये पूरा घटिया निर्माण चल रहा है पहली ही बारिश में ये बाह सकता है और सरपंच सचिव ध्यान देते ही नहीं सरपंच तो आज तक तालाब में  आई ही नही उनका बेटा ही और सचिव साहब कभी कभी आते है ।
जगेश मर्सकोले मेड़

इस पूरी कहानी को लेकर विकास की कलम जल्द ही एक पत्र पूरे साक्ष्यों के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रेषित करेगी ।साथ ही बेनकाब करेगी उन सभी चेहरों को जो जन-सेवा के पद पर बैठकर जनता के हक पर डांका डालने का काम कर रहे है।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार