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क्या सरकारी दवाओं से हो रहा..?? माँ नर्मदा का इलाज... आखिर किस मंशा से फेंकी गई... नर्मदा नदी में दवाइयाँ....

क्या सरकारी दवाओं से हो रहा..??
माँ नर्मदा का इलाज...
आखिर किस मंशा से फेंकी गई...
नर्मदा नदी में दवाइयाँ....

पुण्य सलिला माँ नर्मदा के तट पर सभी पापों का नाश होता है। यह सिर्फ एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है यही कारण है...की श्रद्धालु इस नदी को माँ के नाम से संबोधित करते है।नर्मदा नदी को मध्यप्रदेश की जीवन-रेखा कहा जाता है। नर्मदा भारतीय प्रायद्वीप की सबसे प्रमुख और भारत की पांचवी बड़ी नदी मानी जाती है। विन्ध्य की पहाड़‍ियों में बसा अमरकंटक एक वन प्रदेश है। अमरकंटक को ही नर्मदा का उद्गम स्थल माना गया है। यह समुद्र तल से 3500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है।नर्मदा नदी अपने प्रबल प्रवाह से बहते हुए जबलपुर के पास बेशकीमती संगमरमर की गुफाएं निर्मित करती है। यहां से बरसते नर्मदा जल से धुआंधार जलप्रपात बनता है। इस जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 50 फुट है।
नर्मदा के घाटों में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु
पूजन अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त करते है।और अपनी श्रद्धा के अनुसार नाना प्रकार के भोग-प्रसाद चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते है।

किसकी है...यह कारिस्तानी

नर्मदा नदी के ग्वारीघाट तट में उस वक्त हंगामा मच गया जब एक एक करके अंग्रेजी दवाइयां नर्मदा नदी में उतर आती हुई मिली श्रद्धालु अक्सर रात्रि कालीन मां नर्मदा के दर्शन करने जाते हैं और यहां पर कुछ लोग दीपदान भी करते हैं रात के समय दर्शन करने पहुंचे कुछ श्रद्धालुओं ने पाया की नर्मदा नदी में सैकड़ों की संख्या में टैबलेट और कैप्सूल(दवाइयाँ) उतरा रही थी।यह दृश्य काफी चौकाने वाला था क्योंकि श्रद्धालुओं ने अक्सर घाट के पास पूजन सामग्री पुष्प और दीपकों को ही घाट के आसपास देखा था। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं का पानी मे दिखाई देना...काफी चिंता जनक था।

कैसे पहुंची सरकारी दवाइयाँ ग्वारीघाट

घाट किनारे जो दवाइयाँ मिली है वे सरकारी दवाई है। बताया जा रहा है कि यह गवर्नमेंट सप्लाई की दवाई है। जिसे नर्मदा नदी में किन्ही अज्ञात लोगों द्वारा बहाया गया है। गौरलतब हो कि इस नदी के जल को पूरा शहर पूरी आस्था के साथ पीता है। ऐसे में इस जल में दवाओं को जानबूझकर फेंका जाना काफी खतरनाक है। ये दवाएं एक साथ मिलकर जब पानी मे घुली होंगी तो पानी को भी विषाक्त कर दिया होगा।

कलेक्टर के पास पहुंचा मामला

नर्मदा नदी में घाट किनारे बड़ी मात्रा में फेंकी गई  दवाइयों को लेकर स्थानीय श्रद्धालु कलेक्टर के पास पहुंचे जिसके बाद अब कलेक्टर ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी दवाइयों को लेकर जवाब तलब किया जाएगा।

कलेक्टर को बताई पूरी कहानी

कलेक्टर को दी गई शिकायत में माँ नर्मदा के भक्त रामदास यादव ने बताया कि कल जब वह लोग नर्मदा  के दर्शन करने गए थे उस दौरान देखा गया कि बड़ी संख्या में दवाइयां नदी में तैर रही है यह सभी दवाइयां गवर्नमेंट सप्लाई की बताई जा रही है इतना ही नहीं यह सभी दवाइयां अभी उपयोग करने लायक भी थी।

किस करतूत को छिपाने किया गया यह पाप..

नर्मदा नदी के ग्वारीघाट तट पर बड़ी मात्रा में फेंकी गई सरकारी दवाइयों को लेकर शहर भर में चर्चा का बाजार गर्म है शहर वासियों की माने तो जिन्होंने ने भी नर्मदा नदी में दवाइयां फेंकी है उनके मंसूबे ठीक नहीं है। कुछ का तो यहां तक कहना है कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान कई विभागों द्वारा आनन-फानन में दवाओं की खरीदी की गई और सरकारी आंकड़ों में बकायदा उसकी खपत भी दिखा दी गई। हो सकता उसी खपत को गलाने के लिए बड़ी मात्रा में इन सरकारी दवाइयों को नर्मदा नदी में डिस्पोज़ करने के लिए फेंका गया हो जिनमें से कुछ दवाएं बहते हुए घाट के किनारे आ पहुंची।वहीं कुछ का कहना है कि दवाइयां फेंकने वाले लोग या तो किसी फर्जीवाड़े में लिप्त हैं या फिर हो सकता है कि यह कारनामा स्वास्थ्य विभाग का हो। बहरहाल यह बेहद गंभीर विषय है जिसका खुलासा जांच के बाद ही हो पायेगा।

इधर इस पूरे मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित का कहना है कि नर्मदा नदी में दवाइयों का मिलना यह गंभीर विषय है। लिहाजा इसकी जांच करवाई जाएगी कि यह दवाई किस डिस्पेंसरी या अस्पताल से लाकर फेंकी गई है और इसमें कौन लोग लिप्त है।

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार