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खरीदी केंद्रों में भर्राशाही पड़ी महंगी लापरवाही के चलते नपे-जिला आपूर्ति नियंत्रक

 खरीदी केंद्रों में भर्राशाही पड़ी महंगी
लापरवाही के चलते नपे-जिला आपूर्ति नियंत्रक

लंबे समय से आ रही किसानों की शिकायतें एवं ख़रीदी केंद्रों में व्याप्त भर्राशाही के चलते जिला आपूर्ति नियंत्रक एन एम एच खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार संभागायुक्त महेश चंद्र चौधरी ने खरीदी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण नहीं करने, अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रभावी नियंत्रण न रखने और खरीदी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित नहीं करने जैसी गंभीर अनियमितताओं के आरोप में जबलपुर के जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएनएच खान को  निलंबित कर दिया है।

 निलंबन अवधि में श्री खान का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय नरसिंहपुर निर्धारित किया गया है और इन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

जिलाध्यक्ष के तथ्यों के आधार पर हुई कार्यवाही

जानकारों की माने तो संभागायुक्त श्री चौधरी द्वारा जिला आपूर्ति नियंत्रक के निलंबन की कार्यवाही कलेक्टर भरत यादव द्वारा अवगत कराये गये तथ्यों के आधार पर की गई है। कलेक्टर द्वारा संभागायुक्त को अवगत कराया गया है, कि वृहत्ताकार सहकारी समिति चरगंवा के निरीक्षण में पाया गया कि समिति द्वारा गेंहू की खरीदी में नियमानुसार तुलाई नहीं की जा रही है। साथ ही मानक वजन से अधिक तौला जा रहा है।

इन तथ्यों को बनाया गया आधार

प्लास्टिक की बोरी सहित 50.150 किलोग्राम वजन होना चाहिए, किन्तु औसतन 5.500 किलोग्राम वजन पाया गया अर्थात प्रत्येक बोरी में 350 ग्राम गेंहू अधिक भरा जा रहा है जिससे किसानों को हानि हो रही है। खरीदी केन्द्र प्रभारी द्वारा प्रत्येक क्विंटल पर 30 रुपए पल्लेदारी व्यय किसानों से वसूला जाना पाया गया। ऐसी ही शिकायतें ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य गेंहू उपार्जन केन्द्रों से प्राप्त हुई, जिसमें दो समितियों के विरूद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई गई।

जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री खान द्वारा 2 मई को खरीदी केन्द्र सिगौंद क्रमांक 1 एवं 2 में जनप्रतिनिधियों के समक्ष एक प्रस्ताव तैयार किया गया। प्रस्ताव के अनुसार गेंहू उपार्जन केन्द्र में आने वाला व्यय, जो 30 रुपए प्रति क्विंटल आयेगा। उसे संबंधित किसान द्वारा वहन किया जायेगा। संस्था को उपार्जन एजेंसी द्वारा व्यय की राशि 15.60 रुपए प्रति क्विंटल के मान से प्राप्त होना है। संस्था को यह राशि प्राप्त होने पर 10 रुपए प्रति क्विंटल के मान से कृषक को बैंक खाते के माध्यम से अंतरित किया जायेगा। शेष राशि रुपे 5.60 प्रति क्विंटल संस्था व्यय कर सकेगी यह प्रस्ताव शासकीय नियमों के प्रतिकूल है।

जबलपुर जिले में बड़ी मात्रा में धान की खरीदी हुई है किन्तु अभी भी 20 हजार मैट्रिक टन धान का भुगतान रिजेक्शन के कारण नहीं हुआ है जिसके कारण कृषकों में आक्रोश व्याप्त है।

श्री एमएनएच खान के द्वारा बरती गई निम्न लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए। संभागायुक्त श्री महेश चंद्र चौधरी ने म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियमों के प्रतिकूल मानते हुए निलंबन की कार्यवाही की है।
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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार