बागवान से ही उजड़ गयी बगिया दुकानदार के गलत दवा देने से 5 एकड़ की फसल हुई चौपट.. - VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

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बागवान से ही उजड़ गयी बगिया दुकानदार के गलत दवा देने से 5 एकड़ की फसल हुई चौपट..

बागवान से ही..
उजड़ गयी बगिया..
दुकानदार के गलत दवा देने से..
5 एकड़ की फसल हुई चौपट..

बागवान का काम होता है अपने बगीचे के हर फूल पौधे की रक्षा करना और बागवान के रहते हुए बगीचे का हर एक पौधा उतना ही निश्चिंत हो जाता है जितना कि एक पिता के साथ उसका परिवार
लेकिन क्या हो जब एक बागवान की ही गलती से उसकी बगिया के सारे फूल उझड़ जाए... ऐसा ही एक किस्सा हम आपको आज बताने जा रहे हैं जहां
खेत में लहलहा आ रही उड़द की फसल दुकानदार की लापरवाही के चलते पल भर में जलकर नष्ट हो गयी। किसान ने दुकानदार से फूल वर्धक दवा का छिड़काव के बाद उसका असर बना रहने के लिए उस पर चिपको दवाई छिड़काव के लिए मांगी गई थी। लेकिन छिड़काव के 24 घंटे के अंदर पूरी फसल पीली पड़ गई।

कहाँ का है पूरा मामला

मामला जबलपुर के पनागर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिंगोद का है।जहां सिंगोद निवासी हर्ष पटेल ने सिकमी में 5 एकड़ जमीन लेकर उरद की फसल की बोनी की थी। फसल का अधिक उत्पादन लेने के लिए कुछ दिन पहले उसने उड़द के पौधों पर फूल वर्धक का छिड़काव किया था।

साथी किसानों ने दी अन्य दवा छिड़काव की सलाह

फूलवर्धक का स्प्रे करने के बाद बदले मौसम को देखते हुए किसान को उसके साथी किसानों ने सलाह दी , कि बारिश होगी तो फसल से फूल वर्धक दवा का असर कम हो जाएगा। कीटनाशक दुकान से चिपको(दवा) लाकर उसका स्प्रे करने से फूल वर्धक दवा का असर फसल पर बना रहेगा।

क्षेत्रीय किसानों ने दवा दुकान में बोला धावा

कुछ दिन पहले ही जिस फसल के फूल खिलखिलाकर अपनी खुशहाली की कहानी बयां कर रहे हों। अचानक ही उस फसल के सारे फूल जलकर पीले पड़ जाए तो क्या हो.....
अपनी फसल की ऐसी दुर्दशा देख हर्ष पटेल अनुभवी किसानों के पास दौड़ गया। सब ने मिलकर जब दुकानदार द्वारा दी गई दवा की बारीकी से छानबीन की तो उनके होश उड़ गए ।दुकानदार ने फूल वर्धक चिपको की जगह किसान को तुरंती नींदानाशक दवा थमा दिया। दवा के छिड़काव से जिस फसल को उसने मेहनत से जोत बोकर तैयार किया था वह ऐन मौके पर मुरझा कर नष्ट हो गई थी

मांगा फूलवर्धक-थमा दिया कीटनाशक

इस घटना को समझने से पहले आपको यह जानना ज्यादा जरूरी है कि दोनों दवाओ में आखिर अंतर क्या है।

फुलवर्धक चिपको - 
फसल में आए फूलों को पोस्ट बनाने के लिए फूल वर्धक दवा का छिड़काव किया जाता है लेकिन खासतौर पर बारिश के सीजन में फूल वादक दवा का छिड़काव के बाद उस पर चिपको का भी छिड़काव किया जाता है ताकि बारिश के पानी से फूलवर्धक दवा का असर खत्म ना हो और फसल पर नकारात्मक प्रभाव ना पड़े।

नींदा नाशक तुरंती-
यह एक प्रकार का कीटनाशक है जो कि काफी जहरीला होता है और विशेष परिस्थितियों पर फसल के ऊपर छिड़काव किया जाता है खास तौर पर कीड़े और अन्य बीमारियों से फसल को बचाने के लिए नींदा नाशक तुरंती दवा का इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा इतनी खतरनाक होती है कि यदि इसका अधिक मात्रा में फसल पर छिड़काव किया जाता है तो फसल नष्ट भी हो सकती है

शिवशक्ति कृषि केंद्र से ली दवा


किसान साथियों की सलाह पर हर्ष पटेल सिंगोद स्थित शिव शक्ति कृषि केंद्र में चिपको लेने पहुंचा तो दुकानदार ने उसको गलती से नींदानाशक तुरंती (कीटनाशक दवा)दे दी। दुकानदार ने किसानों को बिल दिया था। उस बिल पे बाकायदा चिपको दवा का उल्लेख किया गया है।लेकिन किसान के पास स्प्रे के बाद जो खाली बोतल बची वह तुरंती नींदानाशक दवा की थी।

दुकानदार ने किया गलती मानने से इन्कार

फसल  के नष्ट होने से गुस्साए किसान हर्ष पटेल ने  तुरंती नींदानाशक की खाली बोतल ली और शिवशक्ति कृषि केंद्र पहुंचा। दुकानदार ने पहले तो उक्त दवा दिए जाने से साफ इंकार किया। लेकिन बाद में वह किसान को 2000 रुपये की मदद देकर मामले को रफा दफा करने की बात कहने लगा।

उच्चाधिकारियों से शिकायत करने का लिया फैसला

दुकानदार की हल्की सी लापरवाही से हर्ष
पटेल की 5 एकड़ की फसल चौपट हो गयी है। जिसे लेकर क्षेत्रीय किसानों में काफी रोष है। किसानों की माने तो वे इस घटना क्रम की शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे । साथ ही दुकानदार का लायसेंस निरस्त करने की मांग  भी करेंगे।

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार