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मंगलवार, 16 जून 2020

दिया तले अंधेरा... कलेक्ट्रेट कार्यालय में ही उड़ रही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां।


दिया तले अंधेरा...
कलेक्ट्रेट कार्यालय में ही उड़ रही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां।



कोरोना से बचना है तो ...सोशल डिस्टेंसिंग ही सबसे कारगर उपाय है। देश के मुखिया के आह्वान पर पूरे देश मे इसका सख्ती से पालन किये जाने के आदेश पारित कर दिए गए है। सभी जगह अधिकारियों के माध्यम से इसके प्रति जागरूकता भी फैलाई जा रही है। नियमों का पालन न किये जाने में शहर में कई जगह कड़ी कार्यवाही भी की जा रही है।
पर...क्या हो जब...
शहर को सोशल सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाने वाले...सबसे महत्वपूर्ण कार्यालय में ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ उड़ाई जाय....
बात थोड़ी अटपटी जरूर है पर सच है...

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जबलपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय में उड़ाई गयी...सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ

मामला मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले का है।जहां कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में अधिकारियों की नाक के नीचे सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियाँ उड़ाई जा रही है।
कोरोना महा मारी को लेकर पूरा देश एक्टिव मोड पर है जबलपुर की बात करें तो अब तक 3 सैकड़ा से भी ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं यही कारण है कि जबलपुर कलेक्टर भरत यादव द्वारा लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग की बार-बार अपील की जा रही है। लेकिन कुछ गैर जिम्मेदार अधिकारियों के चलते कलेक्ट्रेट कार्यालय में ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है और नतीजतन कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में जमा हुई भीड़ कोरोना संक्रमण को खुलेआम निमंत्रण दे रही है।

क्या है पूरा मामला....

दरअसल कलेक्ट्रेट कार्यालय में आधार कार्ड के अपडेशन के लिए आम जनता की भारी भीड़ उमड़ रही है। अपडेशन की शुरुआती दिनों पर बड़ी ही मुस्तैदी के साथ जिम्मेदारों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया गया लेकिन समय बीतते ही सारी जिम्मेदारियां धरी की धरी ही रह गई। सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे आम जनों के लिए।  सोशल डिस्टेंसिंग की कोई व्यवस्था नही की गई।और न ही कोई कर्मचारी मौके पर उपस्थित था।आलम ये था कि सैकड़ो लोग सुबह से ही एक दूसरे से चिपक चिपक कर खड़े हुए थे।और कोरोना जैसी जान लेवा बीमारी को आमंत्रण दे रहे थे।  समय-समय पर गाहे-बगाहे कोई ना कोई जिम्मेदार आ जाता था और अपनी औपचारिकता निभा कर कुछ समय के बाद वहां से चला जाता था।

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आम जनता ने लगाया दलाल सक्रिय होने का आरोप


लाइन में लगे लोगो का आरोप है कि टोकन लेने के बाद भी बिना टोकन वालो को साइड से 300 रुपये लेकर उनका काम किया जा रहा है।
 लाइन में खड़ी महिलाओ ने बताया कि टोकन लेने के बाद भी सुबह से घन्टो लाइन लग कर खड़ा रहना पड़ता है।लेकिन आधारकार्ड नही बन पा रहा है। लोगों की माने तो वे  तीन  दिनों से चक्कर काट काट कर परेशान हो गए है।कुछ का कहना है कि यहाँ खड़े रहने के बावजूद दलाल सक्रिय है । जिनकी अंदर बाबुओ से सेटिंग है बिना टोकन के ही रुपये लेकर उनका काम किया जा रहा है,,और आम जन टोकन लेके लाइन में घंटों खड़े रहते है।

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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