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बुधवार, 6 मई 2020

शराब दुकान खोलने पर भड़के ग्रामीण व्यापारी अब या तो शराब बिकेगी या फिर दवा सब्जी और किराना..

शराब दुकान खोलने पर भड़के ग्रामीण व्यापारी
अब या तो शराब बिकेगी या फिर दवा सब्जी और किराना..


लंबी चली कशमकश के बाद आखिरकार शराब दुकान खोलने का फैसला आ ही गया। जबलपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब ठेकेदारों ने शराब दुकान खोल ली। हालांकि शराब ठेकेदारों का फैसला आया था, कि वह लॉक डाउन तक दुकानों को नहीं खोलेंगे । लेकिन सरकार से सहमति बनने के बाद शराब दुकानें खोली गई। और उसके बाद शराब के शौकीनों की लंबी-लंबी कतारें सड़कों पर दिखाई देने लगी।

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शराब की तलब के आगे सोशल डिस्टेंस भूले लोग

शुरुआती दौर में तो सभी संयमित होकर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए नजर आए। लेकिन जैसे-जैसे शराबियों का संयम टूटा सोशल डिस्टेंस धरा का धरा रह गया। इस बीच समय-समय पर शराब दुकान के कर्मचारी व्यवस्था संभालते हुए नजर आए । लेकिन बीते 1 महीने की तलब के आगे किसी की एक न चली हर कोई चाह रहा था। कि जल्द से जल्द उसे शराब मिल जाए।

शहरी इलाकों से शराब लेने पहुंच रही भीड़..


शराब दुकानों के खुलने की खबर लगते ही शराब के शौकीनों को मानो पंख लग गए। और वह शहरों से गांव की ओर प्रस्थान करने लगे। इस दौरान शराब दुकान में काफी भीड़ जमा हो गई थी। गौर करने वाली बात यह है रेड जोन से आने वाले शराब के शौकीनों से संक्रमण किस कदर फैलेगा और शहर का संक्रमण गांव में क्या कहर बरपायेगा । इस बात की तैयारी फिलहाल प्रशासन ने बिल्कुल भी नहीं की है।

चूड़ा पानी चिप्स के लिए भूले सोशल डिस्टेंसिंग

शराब खरीदने के बाद लोगों ने दवा दुकान और किराना दुकानों का रुख किया। और फिर कई तरीके के बहाने बनाकर पानी की बोतल चिप्स और चिवड़ा नमकीन खरीदने का जुगाड़ जमाने लगे। इस दौरान जल्द सामान मिल जाए इस नियत से सोशल डिस्टेंस की भी जमकर धज्जियां उड़ाई गई। वही जल्द सामान लेने की होड़ में लोगों ने काउंटर पर ही उत्पात मचाना शुरू कर दिया।

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सड़कों पर उतरी जनता और व्यापारी किया विरोध..


शराब दुकान खोलने से क्षेत्रीय व्यापारी और जनता काफी नाराज है ।गांव में उमड़ी अचानक भीड़ और फिर दुकानदारों के साथ हुए व्यवहार से नाराज छेत्रीयजनों ने सड़कों पर उतर कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सूचना पर पुलिस का अमला भी मौके पर पहुंच गया। व्यापारियों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और फिर प्रतिष्ठानों को बंद करने का फैसला लिया।

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दवा किराना और सब्जी का व्यापार बंद कर देंगे व्यापारी..


दवा विक्रेता किराना विक्रेता एवं सब्जी विक्रेता सरकार के इस फैसले से काफी नाराज हैं। उनका कहना है कि शहर के संक्रमित इलाकों से लोग शराब लेने के लिए आ रहे हैं। ऐसे में उन संक्रमित लोगों के जमावड़े से कोरोना का संक्रमण गांव में भी फैलेगा । व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर शराब दुकानें बंद नहीं हुई । तो वह जरूरी सामानों की दुकानें भी बंद कर देंगे। अब सरकार फैसला करें कि उसे दवा सब्जी और किराना चाहिए या फिर शराब....

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उपचुनाव में भारी न पड़े यह फैसला


शिवराज सरकार के शराब दुकान खोलने के इस फैसले से जनता काफी नाराज हैं। जनता का कहना है कि शिवराज सरकार जानबूझकर राजस्व हासिल करने के चक्कर में, जनता को नशे की ओर ढकेल रही है। ऐसे में जनता को अपने फैसले पर पछतावा है। और वह आने वाले समय में अपना विरोध जरूर दर्ज कराएगी। गौरतलब हो कि कुछ ही समय बाद उपचुनाव के आसार दिखाई पड़ रहे हैं ।कहीं ऐसा ना हो कि शिवराज सरकार का यह फैसला, उपचुनाव में शिवराज को ही भारी पड़ जाए।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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