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खबर का असर.. स्कूल फीस माफी की हुंकार... घर-घर लग रहे काले झंडे...

खबर का असर..
स्कूल फीस माफी की हुंकार...
घर-घर लग रहे काले झंडे...
मध्यप्रदेश में स्कूल फीस माफी अभियान

"सर मुंडवाते ही,ओले गिरना" यह बात तो आपने सुनी ही होगी लेकिन इन दिनों यह कहावत मध्यम वर्गीय परिवारों पर बिल्कुल सही बैठ रही है।यह  स्थिति इन दिनों मध्य प्रदेश में है जहां लोग डाउन की मार झेल रहे अविभावकों के ऊपर एक और मुसीबत टूट पड़ी है। आपको बता दें कि प्राइवेट स्कूल बड़ी ही बेशर्मी के साथ इस आपदा की घड़ी में भी पैसे वसूलने से बाज नहीं आ रहे  है।और आए दिन अविभावकों को स्कूल फीस जमा करने का निरंतर दबाव बना रहे।

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दिखने लगे विरोध के नजारे...
घर घर लग रहे काले झंडे..


आम आदमी जब ज्यादा परेशान हो जाता है तो फिर जगह जगह से विरोध के नजारे दिखने लगते है। मध्यप्रदेश में भी स्कूल फीस माफी को लेकर विरोध के स्वर फूटने लगे। लोगों ने सरकार के और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अपने घरों में काले झंडे लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।अविभावकों ने शिवराज सरकार से उम्मीद की थी कि बीते माह हुए लॉक डाउन के चलते.. वे बच्चों की स्कूल फीस माफ कर मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देंगे। लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभी तक इस गहन समस्या पर ध्यान नही दिया।

नागरिक उपभोक्ता मंच बना अविभावकों की ताकत..



नागरिक उपभोक्ता मंच के आह्वान पर निजी स्कूलों द्वारा लॉक डाउन की अवधि में निजी स्कूलों द्वारा मेसेज कर अप्रैल-मई की फीस देने हेतु अभिभावकों पर दवाब बनाया जा रहा है तथा प्रशाशन भी उनकी मदद कर रहा है, फीस माफ़ी की माँग को लेकर विरोध में घर की छतो/बालकनी में काले झंडे लगाये गये। 

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नागरिक उपभोक्ता मंच के संयोजक मनीष शर्मा ने बताया कि जबलपुर के अलावा ये प्रदर्शन नरसिंगपुर, सिवनी, कटनी, भोपाल गाडरवारा, करेली में भी किया गया सैकड़ो घरों में काले झंडे लहराए गये , इस अभियान में कई अन्य संगठनों ने सहयोग दिया -अभिभावक संगठन, विश्व मानवता संघ, समानता संघ, कछपुरा व्यापारी संघ, गलगला व्यापारी संघ आदि मनीष शर्मा, प्रांतीय संयोजक नागरिक उपभोक्ता मंच

अशासकीय स्कूलों की शिकायत करने व्हाट्सअप नंबर जारी



देश में कोराना वायरस कोविड-19 के संक्रमण होने से लॉकडाउन अवधि में अशासकीय स्कूल, सीबीएसई, आईसीएससी स्कूलों द्वारा फीस जमा करने, विद्यार्थियों के रिजल्ट रोके जाने, फीस वृद्धि, शिक्षकों को वेतन न देने संबंधी अनेक शिकायतें अभिभावकों के द्वारा की जा रही हैं । 
डी.ई.ओ. ने कहा है कि जिले के अभिभावकों को जिस अशासकीय संस्था से किसी भी प्रकार की शिकायत है वे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम व मान्यता कार्य संबंधी कर्मी हेमराज श्रीवास के मोबाइल नंबर 9826034732 पर व्हाट्सअप के माध्यम से अपनी शिकायत भेजें । जिसमें अपना नाम, पता स्पष्ट रूप से तथा जिस संस्था की शिकायत करना है उस संस्था का पूरा पता और फोन नंबर सहित दर्ज करें जिससे कि शीघ्र आपकी शिकायत पर कार्यवाही की जा सके तथा आपको सूचित किया जा सके ।

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विकास की कलम ने उड़ाए मौकापरस्तों के होश।

आपको बता दें कि जब से विकास की कलम ने स्कूल फीस माफ करने का अभियान चलाया है तभी से कुछ मौकापरस्त लोगों के रातों की नींद हराम हो गई है। आपको बता दें कि कई नामचीन लोग बड़े-बड़े राजनेताओं से सांठगांठ कर शिक्षा की आड़ में एक बड़ा व्यापार कर रहे हैं । क्योंकि इनकी पहुंच सीधे राजनेताओं से है इसलिए ना तो इन पर कोई कार्यवाही होती है और ना ही इनकी शिकायत। यदि यह बड़े-बड़े स्कूल वाले सभी नियमों का सख्ती से पालन करें तो मध्यमवर्गीय परिवारों को काफी राहत मिल सकती है। लेकिन ज्यादा पैसे कमाने की चाह में नियमों को काफी तोड़ा मरोड़ा जाता है। हर टेबल पर बकायदा नजराना पहुंचाया जाता है ताकि नियम और कानून उनके हिसाब से बदले जा सके । और फिर उस पूरे कमीशन की भरपाई आम आदमी की जेब से की जाती है। लेकिन अचानक उठे विरोध के स्वरों ने मौकापरस्तों की रातों की नींद हराम कर दी है।

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार..