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मंगलवार, 26 मई 2020

पुलिस आरक्षक की पिटाई वाले वीडियो का पूरा सच...बेहिचक...

पुलिस आरक्षक की पिटाई वाले वीडियो का पूरा सच...बेहिचक...


आपने अक्सर पुलिसवालों को गुंडे बदमाश और आपराधिक तत्वों की पिटाई करते हुए जरूर देखा होगा। लेकिन आज हम आपको दिखाएंगे कि किस तरीके से कुछ बदमाशों ने मिलकर एक पुलिस वाले की, उसी के घर के अंदर जमकर पिटाई कर दी । मामला यहीं शांत नहीं हुआ बल्कि बदमाश के साथी ने पूरी पिटाई के दौरान बकायदा मोबाइल से इस घटना को रिकॉर्ड किया और फिर देखते ही देखते पुलिस वाले की पिटाई का वीडियो पूरे शहर में फैल गया। इस वीडियो में आरक्षक को उसके ही घर में पीटा जा रहा है और आरक्षक बकायदा खुद को बचा लिए जाने की गुहार लगा रहा है।
आइए जानते हैं क्या है इस मेलोड्रामा की पूरी हकीकत........

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आखिर किस जगह का है यह वायरल वीडियो

वायरल वीडियो में पीटते हुए दिखने वाला शख्स दरअसल जबलपुर के शहपुरा थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक रामकरण है। और घटना में दिखाई देने वाला स्थान कुछ और नहीं बल्कि आरक्षक का सरकारी क्वार्टर है। वीडियो को गौर से देखें तो यह बात साफ समझ में आ रही है की आरक्षक अपने घर पर आराम कर रहा था । तभी अचानक बदमाशों ने उसके घर के अंदर आकर  उसके साथ जमकर मारपीट की।

15 मई की है वारदात... लेकिन अब हुआ  वीडियो वायरल


प्राप्त जानकारी के अनुसार वायरल हो रहा वीडियो...15 मई के बताया जा रहा है। उपरोक्त दिन शहपुरा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक रामकरण अपने सरकारी क्वार्टर पर आराम कर रहा था। तभी अचानक क्षेत्र के ही 2 बदमाशों ने पुलिस क्वार्टर में घुसकर प्रधान आरक्षक की पिटाई कर दी। और पूरी घटना को अपने मोबाईल से रिकॉर्ड कर लिया।

पुलिस ने नहीं की वीडियो की पुष्टि लेकिन मामला कर लिया दर्ज

सोशल मीडिया में जमकर वायरल  हो रहे  वीडियो के विषय में जब  पूछताछ की गई तो जांच अधिकारी आरती मंडलोई ने बताया कि प्रधान आरक्षक रामकरण द्वारा दी गयी शिकायत के अनुसार 15 मई की दोपहर जब वह अपने सरकारी आवास (क्वाटर) पर सो रहे थे। तभी विजय सिंह और देवी सिंह फोन कर उसके आवास पहुंच गए और दोनों ने मिलकर प्रधान आरक्षक की जमकर पिटाई कर दी। पुलिस घटना की वजह कोई पुरानी रंजिश बता रही है। जिसके चलते प्रधान आरक्षक की पिटाई की गई।  वहीं इस घटना के वीडियो की भी पुष्टी फिलहाल पुलिस ने नहीं की है।

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सूत्र बताते हैं कहानी का दूसरा पहलू

सूत्रों की बताई गई कहानी पीढित आरक्षक को ही कटघरे में खड़ा करने का दावा कर रही है...

जिस तरह सिक्के के दो पहलू होते हैं ठीक उसी प्रकार हर घटना के पीछे उसे देखने के दो अलग-अलग नजरिए या वजह हो सकती है। 
अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर विकास की कलम को एक क्षेत्रीय व्यक्ति ने जानकारी देते हुए बताया कि उपरोक्त घटना में मारपीट करने वाले देवी सिंह एवं विजय सिंह का आरक्षक रामकरण के साथ एक केस को लेकर सौदा हुआ था। बताया तो यह भी जा रहा है की पीड़ित आरक्षक रामकरण और  आरोपियों के बीच अच्छी मित्रता और लेन-देन भी हुआ था। इस पूरे मामले में जनवरी माह में गांजा तस्करी के केस को लेकर आपसी सांठगांठ की बात भी सामने आ रही है।
 लेकिन उच्च अधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद केस सेटल नहीं हो पाया। और दो अन्य लोगों को जेल जाना पड़ा।जेल से छूटने के बाद दिए गए पैसों की वापसी की बात जोर पकड़ने लगी।
 चूंकि केस सेटल करने के नाम पर पैसे पहले ही दिए जा चुके थे लिहाजा केस बनने के बाद पैसों की मांग इस विवाद की मुख्य वजह बताई जा रही है।....
घटना के कुछ दिन पूर्व प्रधान आरक्षक रामकरण और आरोपियों के बीच लेनदेन को लेकर बहस भी हुई थी। जिसके परिणाम स्वरूप आरोपियों ने प्रधान आरक्षक रामकरण को सबक सिखाने का फैसला किया । बताया जा रहा है कि पुरानी दोस्ती का हवाला देते हुए दोनों आरोपी बकायदा फोन करके पीड़ित आरक्षक के सरकारी निवास पर पहुंचे जहां पर सभी ने काफी देर बातचीत की। तभी अचानक किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।

वहीं बिलपठार में गांजा तस्करी के आरोप में पकड़े गए वीरेंद्र सिंह ने भी प्रधान आरक्षक पर गांजा का झूठा केस बनाने और फिर सेटलमेंट के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने की बात मीडिया से साझा की है। इस पूरे मामले को लेकर पहले भी जबलपुर एसपी अमित सिंह जी को एक लिखित ज्ञापन भी दिया जा चुका है।

बहरहाल पीढित आरक्षक ने अपनी शिकायत पर आरोपियों के द्वारा फोन किये जाने एवं जनवरी माह में बिलपठार में पकड़े गए गांजा प्रकरण की बात का जिक्र किया है।

अब सवाल यह उठता है की पुलिस द्वारा रोजाना कई आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाते हैं जिनमें आरोपियों को बकायदा सजा भी मिलती है लेकिन यह ऐसा कौन सा प्रकरण है जिसमें सजा पढ़ने के बाद उस प्रकरण के विषय में बातचीत करने आरक्षक को फोन किया जाता है और फिर उसके ही घर में उससे मारपीट की जाती है।

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आरक्षक की शिकायत पर किया गया मामला दर्ज

पीड़ित आरक्षक ने अपने साथ हुई मारपीट पर  अपने ही  थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जिस पर कार्यवाही करते हुए विभाग ने विजय सिंह और देवी सिंह के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपियों में से एक की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि अभी एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिसे पुलिस जल्द ही पकड़ने का दावा कर रही है। वही शहपुरा पुलिस मामले से जुड़े हुए हर पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है ।

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार




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