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शुक्रवार, 15 मई 2020

प्रसव पीड़ा से कराह रही मजदूर महिला को सड़क पर मिल गए भगवान

प्रसव पीड़ा से कराह रही मजदूर महिला को सड़क पर मिल गए भगवान



(अमित श्रीवास्तव-सिवनी) 
कौन कहता है भगवान आते नही..
तुम मीरा के जैसे... बुलाते नही....
ये शब्द भजन में आपने लाखों बार सुने होंगे । लेकिन इस भजन को एक प्रसव पीड़ा से तड़फ रही मजदूर महिला ने काफी नजदीक से महसूस किया है।
इस लॉक डाउन के दौरान जहां पुलिस विभाग की बर्बरता और सख्ती के किस्से सुनने को मिल रहे है वहीं दूसरी ओर पुलिस का मानवीय चेहरा भी बखूबी देखने को मिल रहा है। जो जाने अनजाने में एक मिसाल बनकर ओरों को प्रेरणा देते हुए बिना किसी स्वार्थ के लोगों की मदद कर रहे है।
ऐसा ही एक किस्सा आज हम आपके सामने रखने वाले है। जहां थाना प्रभारी और समाज सेवियों ने परिवार का मुखिया बनकर मजदूर महिला का प्रसव कराया और फिर उसे उसके गांव तक पहुंचाया।

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क्या है पूरी कहानी



मुंबई  में मजदूरी करने वाले सूर्यमणि वर्मा  लॉक डाउन के चलते पैसे पैसे को मोहताज हो गए। लिहाजा उन्होंने अपने गाँव प्रताप पुर जो कि उत्तरप्रदेश में है जाने का मन बनाया। बहुत प्रयास किया कि कोई मदद मिल जाये लेकिन कहीं कोई आशा न दिखने पर पैदल ही अपनी पत्नी के साथ प्रताप पुर की ओर निकल पड़े। उनके साथ उनकी गर्भवती पत्नी भी साथ मे थी। ईश्वर के भरोसे उन्होंने सफर तय करने का फैसला लिया।लेकिन मजदूर दम्पत्ति को उस वक्त बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा जब महिला रास्ते मे प्रसव पीड़ा से कराह उठी । 

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सिवनी के लखनादौन में मिले देवदूत




पैदल चलते चलते जैसे ही मजड्डूर दंपत्ति सिवनी जिले के लखनादौन क्षेत्र पहुंचे। अचानक सूर्यमणि की पत्नी की प्रसव वेदना काफी बढ़ गयी। आवर वह दर्द से कराह उठी। मजदूर दंपत्ति उसी अवस्था मे सड़क पर बैठ गया। मजदूर दंपत्ति की ख़बर लगते ही नगर के युवा विनय नेमा .पप्पू यादव .सदाराम बघेल और तुलसी कोस्टा मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल गरीब दम्पप्ति को 1 -1हजार रुपये की तुरन्त सहायता दी । और  गर्भवती महिला को अस्पताल पहुचाया।

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थाना प्रभारी लखनादौन ने सूचना मिलते ही संभाला मोर्चा

लखनादौन थाने के कोतवाल महादेव नागोतिया ने खबर लगते ही अस्पताल पहुचकर मजदूर दंपत्ति से मुलाकात की। महिला ने सहायता मिलने पर एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। थाना प्रभारी ने अस्पताल पहुंचकर,बच्चे को फल .भोजन कपड़े भेंट किये। और फिर आला अधिकारियों से संपर्क कर , मजदूर दम्पत्ति को उत्तर प्रदेश के शहर प्रतापगढ़ तक पहुचने के लिए प्रशासनिक अनुमति के साथ वाहन करके  गन्तव्य की ओर रवाना किया ।

मजदूर दंपत्ति ने मददगारों को बताया देवदूत..

नगर के समाज सेवियों ओर पुलिस विभाग ने पुष्पहारों के साथ वाहन चालक .मजदूर दम्पत्ति ओर नवजात (आलोक) का अभिनन्दन कर विदाई दी।इस अवसर पर नवजात के पिता सूर्यमणि ने कोतवाल नागोतिया .मीडिया और समाजसेवियों को भगवान की संज्ञा देते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस सफर को उन्होंने भगवान के भरोसे तय कर शुरू किया था। और मुसीबत आने पर उन्होंने अपने प्रतिनिधि भेजकर उनकी मदद की। आप सभी देवदूत है...आपको कोटि कोटि नमन...

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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