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रविवार, 24 मई 2020

3 माह से दर-दर भटक रही माँ आखिर कब मिलेगा..न्याय

3 माह से दर-दर भटक रही माँ
आखिर कब मिलेगा..न्याय


(सुदेश नागवंशी-छिंदवाड़ा)

अपने बेटे को न्याय दिलाने बीते 3 माह से दर-दर भटक रही , एक मां अभी तक... एसपी कलेक्टर से लेकर सारे उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटा चुकी है। मृतक की मां की माने तो उसके बेटे की मौत किसी हादसे में नहीं हुई, बल्कि सोची समझी साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है । और इसी बात की गुहार लगाते हुए ,अक्सर मृतक की मां ......बड़े अधिकारियों की चौखट पर दस्तावेजों के पुलिंदा लिए हुए दिख जाती है ।आज हम बात करेंगे एक ऐसी घटना की... जिसकी गुत्थी पुलिस अभी तक नहीं सुलझा पाई है । वहीं मृतक की मां डंके की चोट पर पुलिसिया कार्यवाही को चुनौती देते हुए उचित न्याय की मांग कर रही है।

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मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का मामला

मामला छिंदवाड़ा जिला के हर्रई थाना क्षेत्र का है। जहां सड़क हादसे में हुई 15 वर्षीय बालक की मौत के मामला के  तीन महीने बीत जाने के  बाद मृतक की मां ने शिकायत कर जाँच कराने की मांग की है। घटना के बाद पुलिस ने मृतक गौरव के साथ गए व्यक्ति संजय शर्मा का बयान ले कर मामले को हादसा बताते हुए ,केस को एक्सीडेंट केस के रूप में ही दर्ज कर जांच शुरू की है।

3 माह पूर्व का है मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 फ़रवरी को मृतक गौरव अपने एक पड़ोसी बालक संजय शर्मा  के साथ..  पास ही के गाँव  राबराकला शादी में गया हुआ था । शादी से वापस लौटते समय गौरव का एक्सीडेंट हुआ जिसमे गौरव गुप्ता की मौत हो गयी।ऐसी सूचना दी गयी। बाद में मृतक गौरव के शव का पंचनामा कर उसका पोस्टमार्टम किया गया।

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मां को क्यों है हत्या का अंदेशा

विकास की कलम से बात करते हुए मृतक गौरव की मां ममता गुप्ता ने यह जानकारी दी की, एक्सीडेंट से पूर्व 14 फरवरी को गौरव का क्षेत्र के ही कुछ लड़कों के साथ विवाद हुआ था। मृतक गौरव पास ही के एक मंदिर में बैठकर मोबाइल चला रहा था। तभी कुछ  लड़के गौरव के पास पहुंचे और उसे बेरहमी से बेल्टों से मारा और उसके बाद गौरव को घायल करके भाग गए। उपरोक्त घटना की रिपोर्ट 14 तारीख को मृतक की मां ने हर्रई थाने में करनी चाहि,लेकिन पुलिस द्वारा आनाकानी कर मामले को शांत करा दिया गया। घटना के ठीक 12 दिन बाद 26 फरवरी को पड़ोस का एक लड़का संजय शर्मा  अपने साथ गौरव को शादी समारोह में ले जाता है और फिर लौटते समय गौरव की मौत की खबर आती है।

एक्सीडेंट में हुई मौत लेकिन गाड़ी को नहीं हुआ नुकसान

26 फरवरी की घटना पर नजर डालें तो पुलिस के अनुसार गौरव जब शादी समारोह से लौट रहा था। उस दौरान उसकी बाइक का एक्सीडेंट हुआ। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गौरव अपने जिस साथी के साथ बाइक से लौट रहा था एक्सीडेंट के बाद ना तो बाइक में कुछ गंभीर नुकसान हुआ और ना ही गाड़ी चलाने वाले दोस्त को खरोच आई लेकिन गौरव को गंभीर चोटें आई और उसकी मौत हो गई।

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तस्वीरें बयां कर रही है बड़ी साजिश का राज

मृतक की मां ने जिन तस्वीरों को मीडिया के साथ साझा किया है उन तस्वीरों को देखने के बाद यह साफ अंदाजा लगाया जा रहा है की यदि एक्सीडेंट हुआ भी होगा तो चोट के आधार पर गाड़ी को तहस-नहस हो जाना चाहिए था। लेकिन इस नही हुआ। मृतक गौरव के चेहरे गले एवं सीने में गंभीर चोटे आई वही गौरव के गले में अजीब तरह के निशान भी हैं। एक और महत्वपूर्ण बात यह है की गाड़ी चला रहे पड़ोस के ही लड़के संजय शर्मा को एक खरोच भी नहीं आई। यह सारी बातें कहीं ना कहीं किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।

मृतक की मां ने पुलिस कार्यवाही पर लगाए सवालिया निशान

मृतक की मां ममता के अनुसार उसके पुत्र गौरव की हत्या की गई है। जिसे पुलिस प्रशासन महज एक हादसा बताकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रहा है। घटना के पूर्व गौरव का क्षेत्रीय लड़कों के साथ विवाद होना। गौरव के ऊपर जानलेवा हमला होना। और फिर कुछ दिनों बाद संजय शर्मा का गौरव को शादी समारोह में ले जाना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं। लेकिन बावजूद इसके पुलिस घटना को गंभीरता से ना लेते हुए इसे महज एक एक्सीडेंट करार दे रही है।

एसपी से लेकर कलेक्टर तक दे चुकी आवेदन

मृतक गौरव गुप्ता की माँ ममता गुप्ता अपने बेटे की हत्या के मामले को लेकर अब तक कई जिम्मेदार अधिकारियों का दरवाजा खटखटा चुकी है। ममता गुप्ता द्वारा लिखित ज्ञापन भी जिले के पुलिस कप्तान और कलेक्टर महोदय को दिया जा चुका है। लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने उस माँ की पुकार नही सुनी है।

कहते है कि अमीर रसूकदार के बच्चे के साथ ऐसी घटना हुई होती तो। पुलिस प्रशासन दिन रात एक कार देता लेकित यहां बात एक माध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे की है। हादसा हो या हत्या किसी को क्या...
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों तक इस लाचार माँ की पुकार पहुंच पाती है... या फिर दर दर भटकते हुए एक माँ की आस जिमीदारों की चौखट पर ही दम तोड़ देगी।

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नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।


विकास की कलम
चीफ एडिटर 
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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