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रविवार, 17 मई 2020

क्या है ? डीजल पेट्रोल और केरोसिन का कटिंग कारोबार....

क्या है ? डीजल पेट्रोल और केरोसिन का कटिंग कारोबार....

(नारायण यादव-गोसलपुर)
बाईपास के किनारे बने खाने-पीने के ढाबों में आपने अक्सर डीजल पेट्रोल और केरोसिन के टैंकरों को खड़ा देखा होगा पहली नजर में यह बहुत आम बात होती है क्योंकि लंबी दूरी तय करने वाले डीजल और पेट्रोल टैंकर चालक अक्सर खाने-पीने और थकान मिटाने के लिए ढाबों में रुकते हैं लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि किस तरीके से यह टैंकर चालक चंद रुपए कमाने के चक्कर में तेल का काला कारोबार करवाते हैं। और इस पूरे खेल में टैंकर चालक डिपो के कुछ लोग ढाबा संचालक और कई विभागों के अधिकारी भी शामिल होते हैं।

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कहां पकड़ा गया डीजल कटिंग का कारोबार

ताजा मामला गोसलपुर बायपास के नजदीक बने एक ढाबे का है जहां मुखबिर से सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस ने दबिश देकर इस पूरे कारोबार का भंडाफोड़ किया है। जानकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की बूढ़ा घर के पास बने एक ढाबे में डीजल कटिंग का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है।जहां बड़ी मात्रा में डीजल केरोसिन को संग्रहित कर उसे बेचा जा रहा है। एवं रोजाना वहां डीजल केरोसिन के टैंकर रुकते है जिनसे तेल चोरी कर कारोबार चलाया जा रहा है।

एसडीओपी भावना मरावी ने की कार्यवाही

मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी करते हुए क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस के साथ एसडीओपी भावना मरावी ने उक्त ढाबे पर दबिश दी मौके पर पहुंचकर टीम ने पाया कि ढाबे में 4 डीजल केरोसिन के टैंकर खड़े हुए थे। वही मौका ए वारदात पर कई ड्रामों में हजारों लीटर डीजल और केरोसीन भी जमा करके रखा हुआ था। क्राइम ब्रांच और गोसलपुर पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए ढाबा संचालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है वही मौके से प्राप्त हुआ 11000 लीटर डीजल व केरोसिन साथ ही 4 टैंकरों को जप्त कर अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रेषित किया है।

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कई सालों से चल रहा..चोरी का कारोबार..

प्राप्त जानकारियों के अनुसार टैंकर के ड्राइवरों से फायदा देने का वादा करके डीजल पेट्रोल एवं केरोसीन चोरी का कारोबार कई वर्षों से संचालित किया जा रहा है। अब आरोपितों से यह पता किया जा रहा है कि वह चोरी का डीजल किस पेट्रोल पंप में बेचते थे। और उनके पास आने वाले ग्राहक कौन हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जानें..क्या है ?  डीजल कटिंग का खेल....

खेल को इस तरीके से समझें कि एक टैंकर चालक पेट्रोलियम डिपो से अपने टैंकर को भरकर अपने गंतव्य स्थान की ओर निकलता है। टैंकर चालक की रास्ते में पड़ने वाले कई ढाबा संचालकों के साथ सांठगांठ होती है जहां पर टैंकर चालक बेहद कम दामों पर इस तेल को बेचकर ऊपरी कमाई करता है।
डिपो से निकलने के बाद टैंकर चालक सुनियोजित तरीके से किसी ढाबे में जाकर खाना खाने के बहाने टैंकर खड़ा करता है। अक्सर यह खेल रात के अंधेरे में ही अंजाम दिया जाता है मौके और हालात को देखते हुए ढाबे में उपस्थित एक गैंग टैंकर चालक का इशारा पाते ही सक्रिय हो जाती है और फिर विभिन्न प्रकार के उपकरणों के माध्यम से टैंकर से हजारों लीटर डीजल केरोसिन या पेट्रोल निकाल लिया जाता है इसके एवज में टैंकर चालक को कुछ नजराना देकर विदा कर दिया जाता है वही ढाबा संचालक अपने तरीके से तेल को मनमाने दामों पर बेचकर मुनाफा कमाता है।

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सभी मे बंटती है मलाई...

अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर इस अवैध धंधे से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि,तेल कंपनी के अफसर, आपूर्ति महकमा और धंधेबाजों की तिकड़ी इस खेल को संचालित कर रही है। इस अवैध धंधे से में पहले से तय ग्राहक ही यहां आते हैं । और उन्हें पेट्रोल पंप से कफी कम कीमत तेल बेंच दिया जाता है। इसकी जानकारी हर स्तर पर है, लेकिन कुछ नहीं होता है।

नकद में होता है भुगतान

धंधे से जुड़े हुए लोग पहले पेट्रोल पंप से डीजल, पेट्रोल खरीदकर बेचने का काम किया करता थे। बाद में ऐसी सेटिंग हुई कि टैंकर ही आकर खड़े होने लगे। अब तेल चोरी और उसे बेचने का धंधा चमक गया है। इसमें सारा लेनदेन नकद होता है। भारी मुनाफा हुआ तो एक और धंधेबाज बढ़ गया। इससे तमाम टैंकर चालकों का फायदा भी हो रहा है। ज्यादा तेल निकल रहा और नकद भुगतान मिल रहा है। नए धंधेबाज ने एक प्लाट खरीदकर उसकी बाउंड्री कराई है। टैंकरों के आने पर ही इसका गेट खोला जाता है।

होता है दोगुना मुनाफा

धंधेबाज इस खेल से दोगुना मुनाफा कमा रहे हैं। टैंकर वाले प्रति लीटर पेट्रोल का 35 रुपये और डीजल का 30 रुपये लेते हैं। धंधेबाज इसे पेट्रोल पंप से पांच रुपये कम कीमत पर बेचते हैं।

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पहले भी कई बार हो चुकी है कार्यवाही लेकिन स्थितियां जस की तस

आपको बता दें कि शहर से जुड़े तमाम बाईपासों में पहले भी कई बार इस तेल कटिंग के कारोबार का खुलासा किया गया है। जहां पर बकायदा पुलिस ने इन तेल कारोबारियों को रंगे हाथों पकड़ा और जब्ती भी बनवाई। लेकिन उसके बाद फिर से यह अवैध तेल कारोबारी कुकुरमुत्तों की तरह पनप जाते हैं। और पहले से अधिक स्वतंत्रता के साथ अपने कारोबार को अंजाम देते हैं। जिम्मेदारों को चाहिए कार्यवाही किए जाने वाले स्थान को सुनिश्चित कर कार्यवाही के बाद वहां प्रॉपर पेट्रोलिंग की जाए। इसके साथ ही उपरोक्त आरोपियों पर भी कड़ी निगाह रखी जाए। ताकि आने वाले समय में अगर वे कहीं और अपने नए कारोबार की शुरुआत करते हैं, तो उन्हें शुरुआत से पहले ही धर दबोचा जाए।

नोट-विकास की कलम अपने पाठकों से अनुरोध करती है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें..

ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें। साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार

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