लॉकडाउन के दौरान निष्काम भाव से सेवा कर रहे हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक । - VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

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लॉकडाउन के दौरान निष्काम भाव से सेवा कर रहे हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक ।



लॉकडाउन के दौरान निष्काम भाव से सेवा कर रहे हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक ।



जबलपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने संघ स्थापना काल से ही देश मे आये हर संकट के समय अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया ही है।

वर्तमान में देश में आयी भीषण कोरोना नामक बीमारी को मात देने के लिए संघ के स्वयंसेवक महाकौशल प्रांत के जबलपुर, सागर, रीवा व शहडोल संभाग के 21 जिलों में स्थान-स्थान पर आवश्यक सेवा कार्य कर रहे हैं ।लॉक डाउन की इस लम्बी काल अवधि में अभी तक 6501 स्वयंसेवको ने जबलपुर, सागर, रीवा व शहडोल संभाग के 21 जिलों के सभी तहसीलों व सभी नगरों के 852 स्थान पर विभिन्न प्रकार सेवा कार्य किए ।


ग्रामीण क्षेत्र के सुदूर वनांचल क्षेत्र में तथा नगरीय क्षेत्र की अत्यंत पिछड़ी बस्तियों में घर घर जाकर स्वयंसेवकों ने अभी तक 45842 राशन किट पहुंचाये । मण्डला जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में निवासरत बैगा जनजाति के बीच जब स्वयंसेवक राशन लेकर गए तो आंखें खुली की खुल रह गई अनेक परिवार ऐसे मिले जिनके घर पर दो समय का राशन तक नही था स्वयंसवेकों ने वहां सबको राशन दिए । बैगा जनजाति के लोगों ने कहा आप लोग तो हमारे लिये भगवान से कम नही हैं।

ऐसे ही बालाघाट में जब स्वयंसेवक राशन लेकर वितरण करने एक बस्ती में गये तो एक घर मे आवाज दिये अंदर से एक बूढ़ी माताजी की आवाज आई फिर वो बाहर आई बातचीत करने पर पता चला कि दो दिन से चांवल उबालकर उसके पानी से ही अपनी भूख शांत कर रहे हैं । स्वयंसेवक भौचक्के रह गए । उस परिवार की स्वयंसेवको ने अनाज से लेकर सब प्रकार की सहायता किये ।
ऐसे पूरे प्रान्त में अनेकों उदाहरण देखने मे आये।

एक लाख से भी अधिक लोगो तक पहुँचाया भोजन

अभी तक 191522 भोजन पैकेट तैयार कर जरूरतमंदों को भोजन भी कराये । पूरे प्रान्त में लगभग सभी 21 जिलों में एक स्थान पर भोजन बनाकर जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने का काम स्वयंसेवको ने किया ।

स्वयं सेविकाओं ने घर पर ही बनाए मास्क


कोरोनावायरस रोगी व्यक्ति से सामान्य व्यक्ति तक बातचीत करने के दौरान सबसे अधिक फैलता है वैज्ञानिकों की मानें तो कोरोनावायरस मुख और नासा छिद्रों के माध्यम से आहार नली और श्वास नली तक पहुंचता है और उसके बाद पीड़ित को सांस लेने में समस्या होती है ऐसे में मास्क पहनना ही सबसे प्रमुख बचाव होता है मास्क पहनने की प्राथमिकता
स्वयं देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आमजन को बताई थी ऐसे भयावह संकट के समय जब पता चला कि देश मे मास्क की अत्यधिक कमी है । स्वयंसेवक परिवार की महिलाओं ने अपने घर पर ही मास्क बनाने का संकल्प लिया और अभी तक 127449 मास्क निर्माण कर डाले जिसे स्वयंसेवकों ने स्थान स्थान पर जाकर वितरित किये ।

महाकौशल प्रांत से अन्य प्रांतों में फंसे ऐसे 5418 लोगों को जहाँ वे हैं वहीं आवश्यक पूर्ण सहायता किया । केरल के कन्नूर जिले में सिवनी और छिंदवाड़ा के 24 मजदूर कमाने के लिए गए और लॉकडाउन के कारण वहाँ से निकल नही पाए । उनके पास राशन पानी की समस्या आ गईं क्योंकि अभी गए ही सात दिन भी नही हुए थे । किसी ने उनको जबलपुर के एक संघ कार्यकर्ता का नम्बर उपलब्ध कराया । वहां से राजेश नाम के मजदूर का संघ के कार्यकर्ता को फोन आया और उसने अपनी समस्या से अवगत कराया । संघ कार्यकर्ता ने तत्काल कन्नूर के स्वयंसवेकों से सम्पर्क किया । कन्नूर के स्वयंसेवकों ने उन सभी 24 मजदूरों की वही पर आवश्यक पूर्ण सहायता किया । ऐसे ही पूना मुम्बई इंदौर भोपाल आदि अनेक शहरों में फंसे चाहे वो मजदूर हो विद्यार्थी हो सब की सहायता संघ के स्वयंसेवकों ने किया ।


अन्य प्रदेशों से आये हुए 1217 लोगों को स्वयंसेवकों ने स्टे होम भी कराया ।
इस संकट काल में पूरे प्रांत में अभी तक 189 स्वयंसवेकों ने रक्तदान भी किया ।
अभी तक 12270 लोगों को आयुर्वेदिक काढ़ा भी स्वयंसेवको ने जगह जगह पिलाया ।

सभी कई जिलों में मुंह पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था


टोटल लॉक डाउन के दौरान एक और जहां सभी अपने घर में दुबक कर बैठ गए और बाजारों में सन्नाटा छा गया ऐसे में शहर और ग्रामीण गलियों में विचरण करने वाले मुख जानवर भूख से तड़पने लगे आखिर इस लॉक डाउन की स्थिति में हर कोई अपने जान माल की रक्षा में लगा था ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने इन मूक पशुओं का भी पूरा ख्याल रखा। लॉकडाउन के दौरान पशुओं की भी समस्या स्वयंसेवको के ध्यान में आई और स्वयंसेवक इस कार्य में भी जी जान से जुट गए । सभी 21 जिलों में पशुओं के लिए चारा भूसा भोजन की व्यवस्था किये ।

स्वयंसेवकों ने चरण धोकर किया सफाई कर्मियों का सम्मान

इसी बीच इस संकट काल में समाज के लिये 24 घण्टे कोरोना से लड़ने वाले 9440 राष्ट्र योद्धाओं 
( चिकित्सक, स्वच्छता कर्मी, सुरक्षा कर्मी एवं अन्य भाई बहनों ) का स्वयंसेवको ने अपने परिवार के साथ अक्षत पुष्प पैर धोकर आरती उतारकर सम्मान किया ।अनेक राष्ट्र योद्धाओं ने कहा ऐसा सम्मान आज तक हमारा नही हुआ । जब इन राष्ट्र योद्धाओं का पैर धोकर अक्षत पुष्प से सम्मान किया तो अनेकों के आंखों में आंसू आ गए । जिन्होंने सम्मान किया उनके आंखों में भी सहज ही आंसू आ गए।


प्रांत प्रचार प्रमुख ने दी स्वयंसेवकों के संकल्प की जानकारी

कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी जो दिन प्रतिदिन अपने पैर पसार रही है और आए दिन कोई न कोई इस काल के ग्रास में समा रहा है ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समस्त स्वयंसेवक खुद की परवाह किए बिना चौबीसों घंटे इस अनदेखी अनजानी बीमारी से लड़ रहे हैं उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक कोरोना पर विजय प्राप्त नहीं कर लेते महाकौशल प्रांत के समस्त स्वयंसेवक इसी प्रकार से पूर्ण तन-मन-धन से सेवा कार्य करते रहेंगे।
विनोद जी भाईसाब (प्रान्त प्रचार प्रमुख)

नर्मदा भाग सह-प्रचार प्रमुख ने बताया निष्काम सेवा का राज...

स्वयंसेवक मौन तपस्वी की तरह सेवा कर रहे हैं....राष्ट्रीय_स्वयंसेवक_संघ के स्वयंसेवक राहत_सामग्री पहुचा रहे है । 
जहाँ कोई नही पहुच पाता है वहाँ संघ का कार्यकर्ता पहुच जाता है । 
यह समाज मेरा है, समाज का सुख दु:ख मेरा, समाज की पीड़ा मेरी है इसलिए इस समाज को सुखी करना मेरा कर्तव्य है। संघ में यही संस्कार सिखाया जाता है। उसी के कारण स्वयंसेवक सर्वत्र सेवा करते रहते हैं.
सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दु:ख भागभवेत॥
इसको साकार करने का एक मार्ग, एक माध्यम ही सेवा है।

मनोज कुशवाहा
(नर्मदा भाग सह-प्रचार प्रमुख)



विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार