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रविवार, 19 अप्रैल 2020

अब तो मान जाओ..काय तोड़ रहे लॉक-डाउन... जबलपुर में बढ़ रही पॉजिटिवों की संख्या...

अब तो मान जाओ..काय तोड़ रहे लॉक-डाउन...
जबलपुर में बढ़ रही पॉजिटिवों की संख्या...

जबलपुर प्रदेश का पहला शहर था जहां से पॉजिटिव मरीज आने की शुरुआत हुई थी।जबलपुर में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला पॉजिटीव केस एक  जेवलर्स संचालक मुकेश अग्रवाल था । जो कि अपने परिवार के साथ दुबई गया था ,और जब वहां से जबलपुर वापस लौटा तो बिना जिला प्रशासन की जानकारी के अपने दूकान खोलकर बैठ गया। इस दौरान उसके संपर्क परिजनों सहित कर्मचारी भी आए जिनकी बाद में कोरोना संक्रमण रिपोर्ट पॉजिटीव आई।

पहले केस से ही अलर्ट मोड में प्रशासन

जबलपुर शहर में कोरोना पॉजिटिव के पहले केस के आते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया था। शहर के दोनों जिम्मेदारों ने अपनी जुगलबंदी के साथ एक और एक ग्यारह की कहावत को चरितार्थ किया। उन्होंने सीमित साधनों में वह चाक-चौबंद व्यवस्था कर दिखाइ, जोकि इतने कम समय में नामुमकिन थी।अपनी चाक-चौबंद व्यवस्था के चलते प्रशासन ने पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया जगह-जगह गलियों में चौराहों पर पुलिसवाले तैनात कर दिए गए। वही जिला कलेक्टर और पुलिस कप्तान खुद सड़कों पर उतर कर लोगों से घरों पर रहने की अपील करने लगे।

जबलपुर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी झोंक दी पूरी ताकत...



जबलपुर जिले में जहां एक ओर कलेक्टर एसपी अपनी कमान संभाले हुए थे।  वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमएचओ मनीष कुमार मिश्रा ने भी दिन और रात एक कर दिए । पूरे जिले के अंदर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय किया गया। फिर वह चाहे एयरपोर्ट हो, रेलवे स्टेशन हो,या फिर बस स्टैंड सभी जगह आने जाने वालों की स्क्रीनिंग का कार्य शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं दिन में 24 घंटे काम कर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुरुआती दौर में ही कोरोना को पछाड़ दिया । यही कारण था कि शुरुआती दौर पर आए सभी मरीज ठीक होकर अपने घर की ओर वापसी करने लगे। लेकिन इसी बीच शहर के गैर जिम्मेदाराना हरकत वाले नागरिकों की बदौलत, एक बार फिर से कोरोना शहर में लौट कर आ गया और अचानक ही संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़ने लगी।

कहीं नरमी तो कहीं सख्ती के साथ पेश आये पुलिसवाले

शहर में लॉक डाउन के दौरान कई परिस्थितियां ऐसी भी बनी है, जिसमें लोगों को प्रशासन का रौद्र रूप देखने को मिला । एक तरफ जहां शुरुआती तौर पर समझाइश का दौर चला , तो वहीं दूसरी ओर पुलिस को लाठियां भी भांजनी पड़ी।
कुछ जगहों पर तो सैर पसंद लोगों को मुर्गा भी बनाया गया और उनकी गैरत जगाने उन्हें बीच सड़क पर उठक बैठक भी लगवाई गई। कुछ पुलिस वालों ने गीत संगीत के सुरीले नगमों के साथ शहर वासियों को लॉक डाउन का पालन करने की समझाइश दी । तो कभी सख्त लहजे में डांट डपट कर लोगों को डर भी दिखाया। लेकिन इसके बावजूद भी लॉक डाउन तोड़ने वालों के हौसले नहीं टूटे।

पुलिस वैन निकलते ही - गुलजार हो जाती हैं गलियां...

संस्कारधानी जबलपुर के बाशिंदे ना जाने क्यों कोरोना संक्रमण को काफी हल्के में ले रहे हैं। एक ओर जहां पूरा देश इसकी चपेट में आ चुका है, फेसबुक मोबाइल टि्वटर सभी जगह 24 घंटे इसके दुष्परिणाम देखने और पढ़ने को मिल रहे हैं । उसके बावजूद भी प्रशासनिक समझाइश का इन लोगों पर कोई भी असर नहीं पड़ रहा है। आज भी कई गलियों और मोहल्लों में लोग चबूतरो में बैठकर अपना समय गुजार रहे हैं। सोशल डिस्टेंस तो दूर कोरोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन को बकायदा सेलिब्रेट कर रहे हैं । तंग गलियों में ताश पत्तों की महफिल जमी है तो कहीं कैरम के जरिए लोग कई घंटों तक एक ही जगह पर बैठते हैं। कुछ लोग पतंगबाजी में मशहूल है तो कुछ सड़कों में झुंड बनाकर बकायदा पतंग भी लूट रहे हैं। ऐसे में जब गश्त में पुलिस की गाड़ी निकलती है तो वे तंग गलियों में छुप जाते हैं और फिर सायरन की आवाज धीमी होते ही, फिर से गलियों में उतर आते हैं। अब इन्हें कौन समझाए कि यह प्रशासन को नहीं खुद को धोखा दे रहे हैं।

सघन बस्तियों मे ड्रोन कैमरा के माध्यम से रखी जा रही है निगाह, 

 पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री अमित सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दोरान पिछले 18 दिनों में कुछ सघन बस्तियों में सोशल डिस्टैंसिंग की अवहेलना हुई है, कुछ लोग गलियो में घूमते हैं एवं बैठकर आपस मे बातचीत करते हैं, एैसी सूचनायें एवं फेटो/वीडियो हमारे पास आये हैं, इन सब बातों मे ध्यान रखते हुये एैसे इलाकों में अंकुश लगाने तथा निगाह रखने हेतु आज दिनॉक 8-4-2020 को ड्रोन कैमरे से सर्चिंग करायी गयी।   इलाके चिन्हित कर लिये गये हैं, एैसे इलाकों में निरंतर सुबह-शाम ड्रेन कैमरे से चैकिंग की जायेगी, गलियो मे बाईक से पैट्रोलिंग करायेंगे एवं फिक्स पिकेट भी लगायेंगे,  जो लोग भी लॉक डाउन के आदेश का उल्लंघन करेंगे उनके विरूद्ध तुरंत धारा 188 भादवि एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्यवाही की जायेगी।

अब तक 1000 से अधिक लोगों पर हुई कार्यवाही

जबलपुर शहर के पुलिस आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों पर लॉक डाउन को तोड़ने के चलते बकायदा सख्त कार्यवाही हुई है । यह वह लोग हैं जो बेवजह सड़कों पर घूमते मिले या फिर अपने साथियों के साथ गाड़ियों में बैठकर सैर सपाटा कर रहे थे।

लॉक डाउन तोड़ने वाले अक्सर पुलिसिया कार्यवाही पर उठाते हैं सवाल


शहर में 24 घंटे अपनी ड्यूटी में मुस्तैद पुलिस वाले सारे शहर की जनता को संक्रमण से बचाने के लिए खुद सड़कों पर ड्यूटी कर रहे हैं ऐसे में बिना किसी कारण के सैर सपाटे पर निकले लोग जब पुलिस वालों के हत्थे चढ़ते हैं। तो वे अनायास ही खुद पर ज्यादती किए जाने की दुहाई देते नजर आते हैं। बात बिल्कुल साफ है कि जब साफ शब्दों में लॉक डाउन का पालन किए जाने की बात कही गई है, तो फिर आखिरकार ऐसे लोग घर से निकलते ही क्यों हैं । सब्जी हो, फल फूल हो, या फिर जरूरी सामान वर्तमान की स्थिति में सभी चीजें लोगों को उनके घर तक पहुंचा कर दी जा रही है। इतना ही नहीं कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए जरूरतमंदों को बकायदा पास भी आवंटित किए गए हैं । लेकिन इन सबके बावजूद लॉक डाउन तोड़ने वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे और कार्यवाही होने पर पुलिस प्रशासन को ही कटघरे में लाकर खड़ा कर देते हैं।

अब नहीं जागे तो कब जागोगे.. दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा संक्रमण का खतरा..

जबलपुर में आईसीएमआर से मिली रिपोर्ट के बाद पीजिटिव केसों की संख्या में इजाफा हुआ है। हाल ही में मिली रिपोर्ट के आधार पर  एक मुस्लिम महिला सहित पाँच लोगो की कोरोना वायरस संक्रमण रिपोर्ट पॉजिटीव आई  है।यह मुस्लिम महिला 13 मार्च को बिहार से आई थी  और जबलपुर में विजय नगर में रह रही थी

शनिवार 19 अप्रैल की रिपोर्ट के बाद जिले में कोरोना पॉजिटीव की संख्या पहुँची 20.....

आईसीएमआर से मिली आज की पांच पाजिटिव रिपोर्ट मिलाकर कुल संख्या 20 पहुँच चुकी है हालांकि इनमें 6 पॉजिटीव मरीज स्वास्थ्य होकर अपने घर पहुँच चुके है जबकि 4 अन्य स्वास्थ्य हो गए है जिनकी जल्द ही छुट्टी होने वाली है।

पांच पॉजिटीव रिपोर्ट में से चार राठौर परिवार से....

मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के मुताबिक आज जो आईसीएमआर से रिपोर्ट मिली है उसमें एक विजय नगर निवासी मुस्लिम महिला है इस महिला का पहले भी टेस्ट करवाया गया था उस दौरान रिपोर्ट निगेटिव आई थी पर आज पुनः टेस्ट भेजने पर इनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटीव आई है इसके अलावा सुशील राठौर के चार सदस्यों की रिपोर्ट आज पॉजिटव मिली है।आज की पांच कोविड-19 पॉजिटिव रिपोर्ट में नमिता राठौर उम्र 44 बर्ष, लता राठौर उम्र 37 बर्ष , अश्विनी राठौर उम्र 23 बर्ष और रीतेश राठौर उम्र 38 बर्ष जबकि एक अन्य मुस्लिम महिला कचनार सिटी विजय नगर निवासी नुसरत परवीन हैं।  नुसरत परवीन का इससे पहले13 अप्रैल को भी सेम्पल लिया गया था । तब उनकी रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई थी।

विकास की कलम की अपील

विकास की कलम के माध्यम से हम अपने समस्त पाठकों से यह अनुरोध करते हैं, कि वह कि वह अपने सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पूर्ण जागरूकता के साथ अपने आसपास के लोगों को लॉक डाउन का सख्ती से पालन करने का संदेश दे । इसके साथ ही यदि आपकी गली मोहल्लों में भी लोग झुंड बनाकर एकत्र हो रहे हैं , तो उन्हें भी सख़्ती के साथ अपने घर में जाने का निवेदन करें। ऐसा ना हो की उनकी बेवकूफी का खामियाजा पूरे क्षेत्र को उठाना पड़े। यह एक संकट की घड़ी है, जिसमें पुलिस, पत्रकार, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, एवं समाजसेवी सभी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे है। लेकिन देश का नागरिक होने के नाते प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य बनता है, कि वह इस आपदा की घड़ी में स्वयं भी जागरूक हो और लोगों को भी जागरूक बनाएं। ताकि हम जल्द से जल्द कोरोना संक्रमण को जड़ से खत्म कर विजयी हो सके।

विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
(लेखक विचारक पत्रकार)




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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार