8 वर्षीय बच्चे के सीने से आरपार हुई रॉड - मेट्रो हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने बचाई बच्चे की जान। - VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

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8 वर्षीय बच्चे के सीने से आरपार हुई रॉड - मेट्रो हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने बचाई बच्चे की जान।



8 वर्षीय बच्चे के सीने से आरपार हुई रॉड - मेट्रो हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने बचाई बच्चे की जान।

एक बहुत पुरानी कहावत है- की धरती पर अगर कोई दूसरा भगवान है तो वह है डॉक्टर (चिकित्सक) और हो भी क्यों ना ईश्वर के बाद यदि किसी के पास जान बचाने का हुनर है, या यह कहें की जीवन दान देने की योग्यता है. तो वह है- डॉक्टर।
जो की अपने  प्रयासों से , मौत के मुंह में गए मरीज को भी जीवनदान दे देता है।

इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए जबलपुर के दमोह नाका स्थित मेट्रो हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के चिकित्सकों और उनकी टीम ने एक बेहद सराहनीय और चमत्कारिक कृत्य किया है। जी हां उन्होंने  वह असंभव कार्य कर दिखाया की जिसने भी सुना उसने अपने दांतो तले उंगलियां दबा ली।
दरअसल चिकित्सकों की टीम ने 8 वर्षीय बच्चे के सीने में धसी सरिए को जटिल सर्जरी से ना केवल बाहर निकाला बल्कि उसे एक नया जीवनदान भी दिया है।

यह है पूरा मामला

 रीवा निवासी राम यादव  ने कभी सपने में भी ना सोचा होगा  कि उनकी एक लापरवाही  उनके 8 वर्षीय पुत्र के लिए  जानलेवा भी साबित हो सकती है  घटना  रीवा के के विश्विद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत अनंतपुर इटौरा में शुक्रवार की सुबह घटित जहां चारा काटने की मशीन के पास 8 वर्सिय बच्चा बाबू उस पर लटक गया मशीन अचानक टूट कर बच्चे के ऊपर गिर पड़ी और उसमें लगी रॉड बच्चे के सीने को चिरते हुए आर पार हो गई।
हादसा बहुत ही दिल दहला देने वाला था बाबू के सीने में घुसी रॉड की लंबाई 5 फुट के करीब थी,रॉड घुसते ही बच्चे की चीख सुनकर घर वालो ने बच्चे(बाबू)की रॉड को मशीन से काटकर संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज पहुचे,जहाँ बाबू की हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने बाबू को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया।

जबलपुर के मेट्रो हॉस्पिटल ने बचाई - बच्चे की जान


जबलपुर पहुचते की परिजनों ने बाबू को मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती करवाया जहा 8 साल के बाबू का 2 घंटे का उपचार कर सफलतापूर्वक ऑपरेशन करके सीने में घुसी रॉड को निकाल लिया । सर्जरी के दौरान चिकित्सकों ने  बेहद सावधानी से घायल बाबू का उपचार किया अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि सीने में लगी रॉड से बाबू के शरीर से अत्यधिक रक्तस्श्राव हो गया था जिसके चलते बाबू की हालत कुछ ठीक नही थी परंतु मेट्रो हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकत्सकों के दुवारा जटिल ऑपरेशन कर शरीर के अंदरूनी मांसपेशियों एवं स्कैपुला हड्डी को रिपेयर करते हुए बाबू की जान बचाई।

परिजनों ने ली राहत की सांस 

घटना के बाद से ही यादव परिवार बेहद सदमे में था। जब उन्होंने चारा काटने वाली मशीन से रॉड को अलग किया । उसी समय से उनके मन में अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद घटती जा रही थी ,और रही सही कसर रीवा में उपचार के दौरान पूरी हुई ।जैसे ही घायल बाबू को जबलपुर के लिए रेफर किया गया ।
पीड़ित परिवार के ऊपर मानो गम का पहाड़ टूट पड़ा। वह सोच रहा था कि परदेश में कहां और कैसे होगा उनके बच्चे का उपचार। ऐसे में पीड़ित परिवार के लिए मेट्रो हॉस्पिटल के चिकित्सक ईश्वर का वरदान साबित हुए 2 घंटे तक चली गहन चिकित्सा सर्जरी के बाद जैसे ही डॉक्टरों ने बाबू के स्वस्थ होने और सफल सर्जरी होने की खबर सुनाई।
वैसे ही परिजनों की आंखें खुशी के आंसू से छलक पड़ी उन्होंने सबसे पहले धरती के उन चिकित्सक भगवानों का लाख-लाख शुक्रिया अदा किया और फिर अपने जिगर के टुकड़े से मुलाकात की सर्जरी के बाद 8 वर्षीय बालक पूर्णता स्वस्थ है जिसे कुछ दिनों तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा और उसके बाद 8 वर्षीय बाबू की छुट्टी कर दी जाएगी।

विकास की कलम
चीफ एडिटर 
विकास सोनी
(लेखक विचारक पत्रकार)