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गुरुवार, 23 जनवरी 2020

समझो निपटई गई NHM की जिला कोऑर्डिनेटर और संचालक... ( कब क्यों और कैसे पढ़ें पूरी खबर)

समझो निपटई गई NHM की जिला कोऑर्डिनेटर और संचालक...
( कब क्यों और कैसे पढ़ें पूरी खबर)


सरकारी पद पर बैठकर थोड़े बहुत व्यक्तिगत काम निकाल लेना आम बात है लेकिन जब कभी अधिकारी अपने पद का जरूरत से ज्यादा दुरुपयोग करने लगता है और इससे आम जनता को परेशानी होने लगती है। तब वह अधिकारी विकास की कलम की रडार में आ जाता है इस बार हमारी रडार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कोऑर्डिनेटर रीता बहरानी और संचालक डॉ रंजना गुप्ता आ चुकी हैं,और हमने इनकी संदिग्ध कार्यप्रणाली से जुड़ी हर एक गतिविधि को परत दर परत उधेड़ना शुरू कर दिया। हमने पाया की इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियम विरुद्ध तरीके से ना केवल लाखों रुपए के वारे न्यारे किए बल्कि सरकारी काम में बाधा डालते हुए उसका लाभ निजी संस्थानों तक पहुंचाया है। इस पूरे मामले में खोजबीन करते हुए हमने ना केवल उपरोक्त साक्ष्य जुटाए बल्कि मामले से संबंधित उच्चाधिकारियों और मंत्रियों से भी मुलाकात की। लिहाजा अब पूरा मामला आईने की तरह साफ हो चुका है और इनके खिलाफ सरकारी फरमान भी निकल चुका है जोकि आने वाले 1 सप्ताह में मुहर लगते ही इन्हें इनके अंजाम तक पहुंचा देगा।

कौन है रीता बहरानी क्या है आरोप..


रीता बहरानी आरबीएसके जिला अस्पताल जबलपुर में जिला समन्वयक के पद पर पदस्थ हैं। आपके द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य परीक्षण कराने आए मरीजों को बिना सरकारी डॉक्टरों का अभिमत लिए निजी संस्थानों में भेज कर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। गौरतलब है कि जिला समन्वयक द्वारा ऐसे मरीजों को भी निजी चिकित्सा संस्थानों में भेज दिया गया जिनका उपचार सरकारी अस्पताल विक्टोरिया में हो सकता था। साथ ही इन निजी संस्थानों में उपचार के एवज में लाखों रुपए का बिल भी पास करा दिया गया है।

क्या है पूरा मामला कैसे किया पद का दुरुपयोग।..



जबलपुर के जिला अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम और आरबीएसके के संयोजन में एक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जहां पर गरीब परिवार के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना था साथ ही उन्हें उपचार देकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाना था। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में जिलेभर से गरीब मरीज स्वास्थ्य लाभ लेने पहुंचे और यहीं से शुरू हुई भ्रष्टाचार की एक नई कहानी।

 स्वास्थ्य परीक्षण कराने आए गरीब बच्चों का दंत परीक्षण एवं हृदय रोग संबंधी परीक्षण किया जाना था सरकारी नियमों के अनुसार उपरोक्त मरीजों के सभी परीक्षण सरकारी डॉक्टरों या फिर सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से किया जाना था लेकिन कार्यक्रम की सर्वे सर्वा रही जिला समन्वयक रीता बहरानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए। मरीजों को बिना सरकारी डॉक्टरों का अभिमत लिए मरीजों को हेल्दी स्माइल डेंटल क्लीनिक और मेडीहेल्थ सुपर स्पेशलिटी क्लीनिक भिजवा दिया गया।

किसके हैं यह संस्थान आखिर किसे पहुंचाया गया सीधा लाभ..




राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला समन्वयक श्रीमती रीता बहरानी द्वारा अपनी आला अधिकारी एनएचएम की संचालक डॉक्टर श्रीमती रंजना गुप्ता को खुश करने के लिए यह पूरा खेल खेला गया। आपको जानकर हैरानी होगी  की जिला समन्वयक द्वारा हृदय रोग के शासकीय अस्पताल के मरीजों को डॉक्टर श्रीमती रंजना गुप्ता के परिवार के ही मेडीहेल्थ सुपर स्पेशलिटी क्लीनिक में जांच हेतु रिफर कराया गया ।इसके साथ ही दंत चिकित्सा से जुड़े मरीजों को भी इनके ही एक संस्थान हेल्दी स्माइल डेंटल क्लीनिक में भेज कर उपचार कराया गया और फिर लाखों रुपए का बिल का भुगतान भी करवा दिया गया। गौरतलब हो कि यह दोनों संस्थान एनएचएम की संचालक डॉक्टर श्रीमती रंजना गुप्ता के बेटे और बहू के ही हैं इस तरह से पद का दुरुपयोग करते हुए अपने ही परिवार को सीधा सीधा लाभ पहुंचाने का खेल खेला गया है।

कौन है डॉक्टर श्रीमती रंजना गुप्ता..


डॉक्टर श्रीमती रंजना गुप्ता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश के अंतर्गत संचालक (स्टेट अर्ली इंटरवेंशन रिसर्च सेंटर) के पद पर संविदा नियुक्ति पर पे माइनस पेंशन के आधार पर 4 नवंबर 2019 को मिशन संचालक छवि भारद्वाज के द्वारा नियुक्त की गई थी। डॉक्टर श्रीमती रंजना गुप्ता को 31 मार्च 2020 तक के लिए ही नियुक्त किया गया है। डॉक्टर श्रीमती रंजना गुप्ता ने भी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों का इस्तेमाल कर अपने बेटे बहू को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला समन्वयक के पद पर पदस्थ श्रीमती रीता बहरानी का इस्तेमाल कर शासन को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाई है जिसकी जांच कर कठोर कार्यवाही किया जाना भी बेहद जरूरी है।

विकास की कलम ने की स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात बताया पूरा मामला..


मामला बेहद गंभीर था जिसमें नीचे से लेकर उच्च स्तर के अधिकारियों तक की भरपूर सांठगांठ समझ आ रही थी ।लिहाजा इस पूरे मामले को लेकर विकास की कलम ने सीधे स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की

 और इस पूरे मामले को स्वास्थ्य मंत्री मध्यप्रदेश श्री तुलसी सिलावट जी के सामने रखा । स्वास्थ्य मंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और फिर जिला स्वास्थ्य अधिकारी मनीष कुमार मिश्रा को इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश भी दिया।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट में हुई आरोपों की पुष्टि..

इस पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री जी के निर्देश पर जबलपुर के जिला स्वास्थ्य अधिकारी मनीष कुमार मिश्रा ने मामले की पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है विकास की कलम से बातचीत के दौरान
सीएमएचओ मनीष मिश्रा ने बताया की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रम में गरीब मरीजों को बिना सरकारी चिकित्सकों का अभिमत लिए जिला समन्वयक श्रीमती रीता बहरानी द्वारा एनएचएम संचालक डॉक्टर श्रीमती रंजना गुप्ता के बेटे और बहू के संस्थानों में रेफर किया गया है और इसके एवज में इन निजी संस्थानों को लाखों रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है सीएमएचओ ने बताया कि उनके द्वारा पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है जोकि जिला कलेक्टर को प्रेषित भी कर दी गई है।

जल्द ही होगी दोषियों पर कड़ी कार्यवाही..



आपको बता दें कि इस पूरे मामले को लेकर एक और जहां अधिकारियों के बीच में खलबली मची हुई है वही जांच रिपोर्ट में इस पूरे मामले की पुष्टि भी हो गई है सभी एड़ी चोटी का जोर लगाने में लगे हैं कि किसी तरीके से इस मामले को निपटा दिया जाए लेकिन बात अब उनके हाथ से भी निकल चुकी है क्योंकि इस मामले को लेकर खुद मंत्री महोदय ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा रिपोर्ट जिला कलेक्टर भरत यादव को प्रेषित कर दी गई है जिस पर संभवतः आगामी 26 जनवरी के बाद निर्णय भी आ जाएगा और इसके बाद दोषियों पर कार्यवाही की कवायद भी शुरू हो जाएगी




https://youtu.be/9EVuGyA2L88span style="color: #351c75; font-size: large;">विकास की कलम

चीफ एडिटर विकास सोनी 
(लेखक,विचारक,पत्रकार)


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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार