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सोमवार, 6 जनवरी 2020

JNU : हम अराजकता की ओर बढ़ रहे, इससे ज्यादा चौंकाने वाला और शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता - चिदंबरम

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि रविवार को जेएनयू में हुई हिंसा से पता चलता है कि हम अराजकता की ओर बढ़ रहे हैं। चिदंबरम ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि हम तेजी से अराजकता की ओर बढ़ रहे हैं। कांग्रेस नेता ने हिंसा करने वाले अपराधियों की पहचान करने और 24 घंटे के अंदर उन्हें गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि हम यह भी मांग करते हैं कि अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए और उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की घटना पर सरकार की जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि यह कृत्य केंद्र सरकार, गृहमंत्री, उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त की निगरानी में हुआ है। चिदंबरम ने कहा कि यह सबसे भयावह कार्य है, जो हमने हाल के दिनों में देखा है।

इससे ज्यादा चौंकाने वाला और शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने इसे दिल्ली पुलिस की ओर से एक विफलता करार देते हुए सवाल किया कि क्या पुलिस के पास अनिवार्य खुफिया जानकारी नहीं थी? उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़ी खुफिया जानकारी नहीं थी तो यह सरकार की खुफिया से जुड़ी विफलता है और अगर इसकी जानकारी थी तो यह उत्तरदायित्व निभाने में घोर विफलता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस आयुक्त को जवाबदेह ठहराया जाए।

जेएनयू की घटना अमित शाह के निर्देशन में : दिग्विजय
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसक घटना को लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जेएनयू में हिंसक घटना गृहमंत्री के निर्देशन में हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, जेएनयू इस देश की सर्वमान्य और सबसे बेहतरीन संस्थान है और वहां इस तरह के गुंडे सरकार की शह पर कैंपस के अंदर जाकर, लड़कियों के हॉस्टल में घुसकर मारपीट कर रहे हैं, यूनियन की अध्यक्ष का सिर फोड़ दिया।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, पूरी वारदात, यह सब कुछ गृहमंत्री अमित शाह के निर्देशन में हुआ है, हम इसकी निंदा करते हैं। दिग्विजय ने इससे पहले, ट्वीट किया, जेएनयू के छात्राओं के हॉस्टल में रात को घुसकर एबीवीपी के गुंडों द्वारा जो मारपीट की गई है, उसकी मैं घोर निंदा करता हूं। दिल्ली पुलिस देखती रही। क्या भारत के गृहमंत्री पर जवाबदारी नहीं बनती? गृहमंत्री या तो इन गुंडों पर सख्त कार्रवाई करें या इस्तीफा दें।

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार