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शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

धरती का दूसरा भगवान बना पैसों का पुजारी.. जानिए कैसे चंद पैसों के लिए बिक जाता है ईमान..

जबलपुर :-भगवान के बाद यदि वाकई में किसी को भगवान का दूसरा दर्जा प्राप्त है तो वह है चिकित्सक। लेकिन इन दिनों कुछ संस्थान अपनी इस पदवी पर पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं चिकित्सकीय जगत के कुछ ऐसे बेनकाब चेहरों की, जो चंद पैसों की लालच के चलते अपना ईमान बेचने से भी बाज नहीं आते ।जहां मरीज के प्रति संवेदना शून्य हो जाती है और पैसों की खनक के आगे उसकी चीख-पुकार दबा दी जाती है मामला जबलपुर का है जहां
 जबलपुर के इनफर्निटी हार्ट इंस्टिट्यूट अस्पताल में आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी मरीज के परिजनों से 50,000 रु लेने का मामला सामने आया है।
ऐसे हुआ खुलासा

पूरे घटनाक्रम का खुलासा तब हुआ जब भोपाल स्थित आयुष्मान योजना कार्यलय से मरीज के परिजनों के पास योजना के संदर्भ में फोन आया। तब मरीज के परिजनों ने बताया कि जबलपुर स्थित इनफर्निटी हार्ट इंस्टीट्यूट अस्पताल प्रबंधन ने कार्ड होने के बावजूद उनसे 50000 रु लिए हैं। 

क्या हुआ जब पीड़ित पहुंचा पैसे वापस लेने

आज कटनी जिले के स्लीमनाबाद निवासी मोहम्मद सुबराती के परिजन आज जब रु वापस लेने अस्पताल प्रबंधन के पास पहुँचे तो उन्होंने रुपए देने से साफ इनकार कर दिया।इतना ही नहीं अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज भी उस दिन के मिटा दिए हैं जिस दिन मोहम्मद सुबराती को अस्पताल में भर्ती किया गया था और प्रबंधन को 50000 रु दिए गए थे।
मरीज के परिजनों ने खटखटाया पुलिस का दरवाजा

मरीज के परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ आज ओमती थाने में अपनी शिकायत दर्ज करवाई है।पीड़ित परिजनों की माने तो 27 दिसंबर को अस्पताल में मोहम्मद सुबराती को हार्ट की प्रॉब्लम के चलते भर्ती करवाया गया था। इस वजह से अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन के लिए 50000 रु की डिमांड की थी। परिजनों ने आयुष्मान योजना का कार्ड होने के बावजूद भी प्रबंधन को रुपए दे दिए बाद में जब भोपाल स्थित आयुष्मान योजना विभाग से इलाज संबंधित जानकारी ली गई तब पता चला कि मरीज के परिजन से जो रु लिए गए हैं वह पूरी तरह से गलत हैं।फिलहाल ओमती थाना पुलिस ने मरीज के परिजनों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 
ऐसे कई मामले आ चुके हैं सामने

गौरतलब है कि हाल ही में कलेक्टर की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ था कि आयुष्मान योजना के नाम से शहर के बहुत से अस्पताल गलत काम कर रहे हैं जिसके चलते कुछ अस्पतालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्यवाही भी की गई थी।अब देखना यह होगा कि इनफर्निटी हार्ट इंस्टिट्यूट अस्पताल के खिलाफ जिला प्रशासन यह मामला सामने आने के बाद क्या कार्यवाही करता है।



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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार