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बुधवार, 8 जनवरी 2020

Bharat Bandh : भारत बंद का मिला जुला असर, पश्‍चिम बंगाल से आयी हिंसा की खबर

नयी दिल्ली:  केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के 'भारत बंद' के आह्वान का बुधवार को देश में मिला जुला असर देखने को मिला. ट्रेड यूनियन कर्मचारियों के इसमें शामिल होने के कारण बंद के शुरुआती घंटों में बैंकिंग सेवाओं, रोडवेज सेवाओं पर आंशिक असर नजर आया. जानें किस राज्य में भारत बंद का क्या असर दिखा. 

-आंध्र प्रदेश का हाल : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बुधवार को 'भारत बंद' के आह्वान पर विशेषकर विशाखापत्तनम में सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न उपक्रमों में अधिकतर कर्मचारी नदारद रहे. अधिकतर बैंक भी बंद रहे. केन्द्र सरकार की नीतियों के विरोध में, आंध्र प्रदेश के प्रमुख शहरों में वाम दलों और ट्रेड यूनियनों द्वारा रैलियां निकाली गईं. विजयवाड़ा में राधम सेंटर से लेनिन सेंटर तक रैली निकाली गयी. मचिलिपत्नाम में कोनेरू सेंटर से रैली निकाली गयी. तिरुपति से मिली खबरों के अनुसार पुलिस ने युवा संगठनों को ‘शव यात्रा' में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुतले ले जाने से रोका. विजयवाड़ा में आरटीसी बस अड्डे के बाहर राजमार्ग पर धरना दे रहे कांग्रेस, भाकपा और माकपा नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. सीपीआई के राज्य सचिव के रामकृष्ण ने अपने और माकपा तथा कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किए जाने की निंदा की. उन्होंने कहा कि हमने महज भाजपा नीत केन्द्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ बंद का आह्वान किया लेकिन पुलिस उग्रता दिखा रही है.

-नगालैंड में जनजीवन सामान्य नजर आया, लेकिन पोस्टल सर्विसेज पर भारत बंद का असर साफ दिखा.

-भारत बंद का पंजाब और हरियाणा में सार्वजनिक बैंकों, परिवहन विभाग, डाक घर पर असर नजर आया. सरकारी बैंकों के कर्मचारियों के हड़ताल में हिस्सा लेने से पंजाब और हरियाणा में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा. ट्रेड यूनियन कर्मियों ने पंजाब में लुधियाना, जालंधर और बठिंडा सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

-सरकार की ‘‘जन-विरोधी' नीतियों के खिलाफ मजदूर संगठनों की ओर से बुलायी गयी हड़ताल के दौरान गोवा में जनजीवन प्रभावित रहा. ‘गोवा कन्वेंशन ऑफ वर्कर्स' के बैनर तले विभिन्न मजूदर संगठनों ने पणजी के आजाद मैदान में एक जनसभा की. राष्ट्रीयकृत सहित अधिकांश बैंक सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, जबकि कुछ निजी उद्योगों में बंद का असर दिखा. एटक महासचिव क्रिस्टोफर फोंसेका ने आजाद मैदान में मौजूद करीब 2000 लोगों को संबोधित करते हुए कर्मचारियों से ‘‘ केन्द्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों' के खिलाफ प्रदर्शन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि पूंजीवाद समर्थक केंद्र की नीतियों ने ‘‘ मजदूर वर्ग की कमर तोड़ दी है.'
 
-पंजाब: अमृतसर में भारत बंद का असर देखने को मिल रहा है. प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक को बंद करा दिया है.

-इधर, कूचबिहार में भारत बंद के समर्थक प्रदर्शनकारियों ने एक बस में तोड़फोड़ कर दी है. राजधानी कोलकाता में ट्रेड यूनियन्स द्वारा बुलाये गये भारत बंद के दौरान सड़क पर ही टीएमसी और एसएफआई कार्यकर्ता भिड़ गये.

-पश्‍चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने वामदलों और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हम हड़ताल की इजाजत नहीं देंगे, जो ऐसी कोशिश कर रहे हैं, उनका बंगाल में कोई राजनीतिक आधार नहीं है.

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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार