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सोमवार, 27 जनवरी 2020

ऐसी देशभक्ति तो ना पुसाई- (जबलपुर तिरंगा रैली में पथराव- पुलिस ने भांजी लाठी-दागे आंसू गैस के गोले)


ऐसी देशभक्ति तो ना पुसाई- (जबलपुर तिरंगा रैली में पथराव- पुलिस ने भांजी लाठी-दागे आंसू गैस के गोले)


26 जनवरी की पावन बेला पर सुबह से ही शहर के हर गली हर नुक्कड़ पर देशभक्ति से ओतप्रोत माहौल का नजारा देखा जा सकता था । और हो भी क्यों ना आख़िर भारत देश का यह एक राष्ट्रीय पर्व है जिसे हर नागरिक पूरे उत्साह के साथ मनाता है लेकिन शहर के ही एक क्षेत्र मैं तिरंगा यात्रा के ऊपर पथराव होने की शर्मनाक घटना हुई है जिसने हर एक भारतीय को यह सोचने पर मजबूर कर दिया की सिद्धांत और पक्ष अपनी जगह होते हैं लेकिन तिरंगा यात्रा में पथराव होना किसी भी बात का जवाब नहीं है। यह सिर्फ एक भड़ास है जोकि गाहे-बगाहे निकल ही गई आखिर कब तक इसे संभाल के रखते....ये तो होना ही था पर राष्ट्रीय पर्व पर ही होगा..ये किसी ने कल्पना भी न कि थी।


क्या है पूरी घटना...



देशभर में मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस पर्व पर जबलपुर के हिंदूवादी संगठनों द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी।जो कि CAA/NRC के समर्थन में थी। यह रैली गोहलपुर थाने  से  होते हुए रद्दी चौकी की ओर बढ़ रही थी क्योंकि इसी क्षेत्र में कुछ दूरी पर मुस्लिम महिलाएं विगत 1 सप्ताह से CAA और NRC के विरोध के चलते धरने पर बैठी हुई है।लिहाजा मुस्तैद पुलिस विभाग ने रैली को बैरिकेट्स के जरिए पहले ही रोक लिया इस दौरान कलेक्टर और जबलपुर एसपी ने रैली निकाल रहे संगठनों से बातचीत की और तिरंगा रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया । समझाइश और बातचीत के बाद रैली संयोजको और पुलिस विभाग के बीच तय हुआ कि वे शाम को रैली निकाल लेंगे और जब तक मुस्लिम महिलाओं का धरना भी खत्म हो चुका होगा। प्रशासन और रैली संयोजक की बात चल ही रही थी की 
अचानक क्षेत्र की गलियों से तिरंगा यात्रा पर पत्थर बरसने लगे इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता सड़क पर भगदड़ सा माहौल बन गया । वहीं पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए लाठी भांजना भी शुरू कर दिया। इस दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल भी प्रयोग किया गया। 

अन्ततः आंसू गैस के गोलों को इस्तेमाल कर स्थिति पर काबू पाया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के बाद भी मोहल्ले की गलियों से मुख्य मार्ग पर तिरंगा यात्रा के ऊपर लगातार पत्थर बरसाए जा रहे थे जैसे तैसे पुलिस ने क्षेत्र में भारी बल तैनात कर हालात को काबू किया।


कुछ सवाल जनता के..


शहर में विगत एक सप्ताह से CAA और NRC के विरोध में इसी क्षेत्र में आंदोलन चल रहा है। इस दौरान कई बड़ी रैली भी निकली और प्रदर्शन भी हुए...लेकिन ऐसी कोई घटना नही हुई.



लेकिन आज समर्थन में निकली तिरंगा यात्रा के ऊपर पथराव होना..किसी गंभीर बात की ओर इशारा कर रहा है। जिसे लेकर प्रशासन को न केवल सचेत होना होगा बल्कि सतर्क भी रहना होगा।


पहले हुई घटना से क्यो नही चेता प्रशासन..


बीते माह इसी क्षेत्र में NRC और CAA के विरोध के लेकर एक धर्म विशेष के लोगो ने काफी उत्पात मचाया था। उस दौरान भी हुई पत्त्थर बाजी में दर्जन भर पुलिसकर्मियों को चोट भी पहुंची थी। जिसका पूर्ण रूप से राजनीतिकरण कर दिया गया और इसके साथ ही पत्थरबाजों पर शक्ति दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों को पी एच क्यू स्थानांतरित कर दिया गया। लेकिन सवाल अब भी वही है कि यदि इन पत्थरबाजों पर सख़्ती की गई होती तो आज गणतंत्र दिवस के मौके पर यह घटना ना होती । गौरतलब है कि यह पूरा क्षेत्र एक विशेष धर्म बाहुल्य लोगो की घनी बस्ती के रूप में जाना जाता है। जहां पर हिंदूवादी संगठनों का रैली करना धर्म विशेष के लोगों ने नागवार समझा और पत्थरबाजी की घटना हो गयी।



कलेक्टर /एसपी ने संभाला मोर्चा...


कलेक्टर भरत यादव ने कहा-  रविवार दोपहर शहर में सीएए के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकाली जा रहा थी। यात्रा आधारताल से रद्दी चौकी तक प्रस्तावित थी। इसी दौरान रास्ते में सीएए का विरोध करने वाले भी वहां पहुंच गए और दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए।विरोध करने वालों ने तिरंगा यात्रा निकाल रहे लोगों पर पथराव कर दिया। फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। जनजीवन सामान्य है। सुरक्षा के तौर पर पुलिस-प्रशासन अलर्ट है।


पूर्व सीएम शिवराज ने की घटना की निंदा..


तिरंगा यात्रा पर पत्थरबाजी की घटना की गूंज राजधानी भोपाल तक पहुंच गई है ।जहां इस घटना को लेकर काफी निंदा की जा रही है। 
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर के जरिए इस घटना की घोर निंदा की है। उन्होंने पत्थरबाजी की घटना को लेकर कहा की समर्थन और विरोध प्रदर्शन करना नागरिक का अधिकार होता है लेकिन किसी विरोध के चलते दूसरे पक्ष पर पत्थर बरसाना काफी निंदनीय है

वहीं इस पूरे मामले में केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने भी घटना की घोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा पर पथराव होना केवल राष्ट्रीय पर्व का अपमान नहीं बल्कि एक राजद्रोह के समान है।


देर रात हुआ फिर से प्रदर्शन...


रविवार की दोपहर को हुए तिरंगा यात्रा में पथराव के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए भारी पुलिस बल क्षेत्र में तैनात कर दिया था। प्रशासन ने विश्वास दिलाया था की शाम 5:00 बजे के बाद धरने पर बैठी मुस्लिम महिलाओं का भी धरना प्रदर्शन बंद करा दिया जाएगा। 

लेकिन देर रात लगभग 10:30 बजे पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी रद्दी चौकी पर इकट्ठा हुए जहां उन्होंने सीएए के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार धरना समाप्त होने के बाद सभी रद्दी चौकी पर एकत्र हुए थे।
प्रशासन से सवाल यह है कि यदि दिन के उजाले में तिरंगा यात्रा निकालने में समस्याएं होती हैं। तो रात के अंधेरे में इतनी बड़ी संख्या में एकत्र होने की अनुमति कैसे मिल जाती है।


विकास की कलम

चीफ एडिटर 
विकास सोनी
(लेखक,विचारक,पत्रकार)






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विकास की कलम
चीफ एडिटर
विकास सोनी
लेखक विचारक पत्रकार