कोई कछु ना बोलहे.. (पार्ट 1) गृह- निर्माण समिति बनाओ और पेल के पैसा कमाओ... - VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

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कोई कछु ना बोलहे.. (पार्ट 1) गृह- निर्माण समिति बनाओ और पेल के पैसा कमाओ...

कोई कछु ना बोलहे.. (पार्ट 1) गृह- निर्माण समिति बनाओ और पेल के पैसा कमाओ...

एक बहुत पुराना खेल है गृह निर्माण समिति की आड़ में करोड़ो के वारे न्यारे करने का। और सबसे खास बात यह है कि पता सबको है पर बोलता कोई नही। और बोले भी क्यो?? जब बिना कुछ किये टेबल पर नजराना पहुंच जाए तो किसकी हिम्मत है जो जुबान खुल जाए।

 लेकिन अब ऐसे ही मौन धारण किये जिम्मेदारों का मौन व्रत तुड़वायेगी...
विकास की कलम...

जिले भर में लंबे समय से गृहनिर्माण समितियों की आड़ में भूमाफियाओं ने फर्जीवाड़े को अंजाम दे रखा है। जहां गृह निर्माण समितियों में सदस्यों का फर्जीवाड़ा, गलत तरीके से प्लाट आवंटित करना, समितियों के अध्यक्ष पद का गलत तरीके से उपयोग करते हुए प्लाट बेचना, सहकारिता व समिति नियमों का उल्लंघन करना। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि दर्जनों शिकायत पहले से सहकारिता विभाग के पास दर्ज हैं। लेकिन उनमें आज तक सही तरीके से कार्रवाई नहीं की जा सकी। अधारताल, दमोहनाका, शक्तिनगर, सैनिक सोसायटी क्षेत्र में ही कई समितियों के मामले आज भी चल रहे हैं। और शायद आगे भी चलते ही रहे।क्योकि जांच कर्ताओ के पास काम का बोझ इतना है कि इस ओर धयान देने का समय ही नही मिलता। ये हम नही कह रहे बल्कि इतने गंभीर मुद्दे पर लंबे समय से लंबित पड़ी जांच ये खुद बयान कर रही है।

कमलनाथ ने कसी कमर-शायद अब हो फर्जीवाड़े का अंत...

प्रदेश के मुखिया कमलनाथ ने माफिया दमन दल की तरह ही जिले में गृह निर्माण समितियों के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। इस आदेश का पालन करते हुए जिले के कलेक्टर भरत यादव ने सात अफसरों की कमेटी भी गठित कर दी है। खास बात यह है कि जिस तरह भू माफिया की कार्रवाई  शिकायतों के आधार पर की गई। ठीक उसी तर्ज में अब गृह निर्माण समितियों के फर्जीवाड़े पकड़ने शिकायतों का इंतजार अधिकारी कर रहे हैं। लेकिन महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अभी तक सहकारिता विभाग ने पूर्व से चल रही फर्जीवाड़े वाली समितियों की सूची तक नहीं बनाई है। जबकि वर्ष 2011-12 में दो से तीन माह तक समितियों की जांच व कार्रवाई का अभियान भी चलाया जा चुका था। उसके बाद अफसर बदलते गए और जांच व कार्रवाई ठप हो गई।

कलेक्ट्रेड में कंट्रोल रूम में दर्ज होंगी शिकायत

अधिकारियों का दावा है कि फर्जीवाड़ा करने वाली गृह निर्माण समितियों की जांच प्रारंभ कर दी गयी है। कलेक्टर भरत यादव ने इसके लिए जांच दल गठित कर दिया है। जिसमें प्रशासन व सहकारिता विभाग के अफसर शामिल रहेंगे। वहीं आम जनता व गृह निर्माण समितियों के सदस्य भी अपनी शिकायत प्रशासन के तैयार कंट्रोल रूम में कर सकते हैं। जिले में माफिया दमन दल की तर्ज पर ही यह नया दल गृह निर्माण समितियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

 कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रुम में तीन शिकायत गृह निर्माण समितियों की पहुंची हैं। लेकिन कमेटी के पास यह शिकायत जस की तस ही रखीं हैं। किसी भी शिकायत में जांच प्रारंभ नहीं हुई। आने वाले दिनों में भी इसी तरह शिकायत मिलने का ही इंतजार किया जाएगा। तब जाकर अफसर कुछ मामलों में जांच करेंगे।

फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने सात सदस्यीय दल निर्मित...

जिले में गृहनिर्माण समितियों के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से कलेक्टर भरत यादव द्वारा एक विशेष दल बनाया गया है। जिसमे सात सदस्यों यानी अधिकारियों को शामिल किया गया है।

इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी..

गृहनिर्माण समितियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत से चल रहे फर्जीवाड़े में र्रोकथं लगाने जिला कलेक्टर ने 
डिप्टी कलेक्टर अनुराग तिवारी, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं शिवम मिश्रा, अधीक्षक भू-अभिलेख ललित ग्वालवंशी, राजस्व निरीक्षक लालमणि सतनामी, भोला प्रसाद गुप्ता एवं अंकित शुक्ला तथा स्टेनोग्राफर अनूप सिंह मरकाम की तैनाती हुई है। गृह निर्माण समितियों से संबंधित शिकायतों के लिए गठित यह दल प्राप्त सभी शिकायतों की सूची तैयार करेगा और उसे अपर कलेक्टर संदीप जीआर को सौंपेगा।

यहां दर्ज होगी शिकायत...

कलेक्टर ने गृह निर्माण समितियों की शिकायतों के लिए कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। आम नागरिक इस कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0761-2623925 पर शिकायत कर सकेंगे। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों या सीधे अपर कलेक्टर संदीप जीआर को भी लिखित शिकायत सौंपी जा सकती है।

जिले में विशेष जन-सुनवाई का हुआ आयोजन..

जिले में गृह निर्माण समितियों के फर्जीवाड़े की जांच करने से पहले लोगों की समस्या सुनने बुधवार को विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया कलेक्टर कार्यालय के जनसुनवाई कक्ष में अपर कलेक्टर संदीप जी आर के नेतृत्व में गठित कमेटी अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनी कलेक्टर भरत यादव भी कुछ समय के लिए लोगों की समस्या सुनने पहुंचे 2 घंटे में 18 समितियों विभागों बिल्डर और भू माफियाओं से जुड़ी शिकायतें मिली एक शिकायत आखिर में अलग से दर्ज कराई गई इसके बाद कुल संख्या 19 हो गई इनमें से चार शिकायतों को कलेक्टर कार्यालय में होने वाली समय अवधि की बैठक के लिए शामिल किया गया वहीं बाकी शिकायतों की तत्काल जांच के निर्देश अपर कलेक्टर ने दिए 

टारगेट में होंगे निम्न प्रकरण..

 हाउसिंग बोर्ड द्वारा तैयार ट्रांसपोर्ट नगर महाराजपुर में प्राप्त भूखंड में कमी होने का हवाला दिया गया

ग्राम सगड़ा स्थित ग्रह निर्माण सहकारी समिति में साढे 4 एकड़ में आवासीय भूखंड अवैध तरीके से विकसित किया।

महाराजपुर में करीब 10 एकड़ में अवैध कॉलोनी बनाई गई ,जबकि खसरा में केवल शहरी सीलिंग भूमि व कृषि नाम दर्ज है कॉलोनी के प्लाट मकान भी बेचे जा चुके हैं

लाल बहादुर शास्त्री गृह निर्माण समिति द्वारा बैनामा से प्लाट खरीदने के बाद किसी दूसरी समिति द्वारा कब्जा कर लिया गया।

सुहागी में शासकीय गृह निर्माण समिति में प्लाट लेने के बाद कब्जा नही दिया जा रहा है। 

प्रदेश के मुखिया के फरमान से अधिकारियों की उड़ी नींद...



गृह निर्माण समितियों की शिकायत वर्तमान में कमेटी अफसरों को मिली है उनकी शिकायत पहले भी आ चुकी थी लेकिन समय रहते जांच और कार्यवाही देखने नहीं मिली इस बार सहकारिता विभाग के अफसरों की मजबूरी बन गई है क्योंकि इस मामले में जांच के निर्देश सीधे मुख्यमंत्री कमलनाथ की तरफ से मिले हैं यही वजह है कि उप पंजीयक सहकारिता को भी शो कॉज नोटिस का सामना करना पड़ चुका है क्योंकि उप पंजीयक सहकारिता द्वारा शिकायतों की सूची रिपोर्ट तक नहीं बनाई जा सकी।

विकास की कलम

चीफ एडिटर
विकास सोनी
(लेखक,विचारक,पत्रकार)