संविधान बचाओ रैली: देशभर में सड़कों पर उतरी कांग्रेस, लखनऊ में नहीं मिली अनुमति - VIKAS KI KALAM,Breaking news jabalpur,news updates,hindi news,daily news,विकास,कलम,ख़बर,समाचार,blog

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संविधान बचाओ रैली: देशभर में सड़कों पर उतरी कांग्रेस, लखनऊ में नहीं मिली अनुमति

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ देशभर में काफी स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। आज कांग्रेस कई राज्यों की राजधानियों में संविधान बचाओ, भारत बचाओ रैली का आयोजन कर रही है। पटना, चेन्नई और मुंबई में कई लोग कानून के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सड़कों पर उतर गए हैं। वहीं लखनऊ में कांग्रेस को रैली की इजाजत नहीं मिली।केरल में कांग्रेस का विरोध मार्च
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) का कांग्रेस की ओर से विरोध किया जा रहा है। अब कांग्रेस केरल में राजभवन की तरफ सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध मार्च निकाला।

शहीद स्तंभ से शुरू हुई रैली का नेतृत्व चिदंबरम के अलावा केपीसीसी अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने किया। सांसदों और विधायकों सहित पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली में भाग लिया।

लखनऊ में नहीं मिली रैली की इजाजत, प्रियंका ने कार्यकर्ताओं को दिलाई संविधान की शपथ
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लखनऊ दौरे पर स्थापना दिवस समारोह में संविधान की स्थापना पढ़ी और कांर्यकर्ताओं को शपथ दिलाई। कांग्रेस का आज 135वां स्थापना दिवस है।

राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित स्थापना दिवस समारोह में प्रियंका गांधी रणनीतिक और कार्ययोजना कमेटी के साथ बैठक कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि संविधान पर हमला करने वालो का विरोध करेंगे।

इससे पहले प्रियंका गांधी एनआरसी और नागरिकता कानून पर संघर्ष की अगली रणनीति तैयार करने के लिए शुक्रवार शाम सात बजे लखनऊ पहुंचीं थीं।  एयरपोर्ट से सीधे गोखले मार्ग स्थित आवास पर पहुंची। यहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के अलावा कुछ प्रमुख नेताओं से मिलीं। कांग्रेस को लखनऊ में रैली करने की इजाजत नहीं मिली है।

चेन्नई में कांग्रेस और तमिलनाडु तौहीद जमात ने निकाला मार्च
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में तमिलनाडु तौहीद जमात ने नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मार्च निकाला। इस रैली के दौरान कांग्रेस का झंडा भी देखने को मिला।

मुंबई में कांग्रेस ने की रैली
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने शनिवार को पार्टी के स्थापना दिवस पर भारत बचाओ-संविधान बचाओ के संदेश के साथ एक फ्लैग मार्च निकाला। अगस्त क्रांति मैदान से लेकर गिरगांव चौपाटी के पास लोकमान्य तिलक की प्रतिमा तक मार्च निकाला गया।

कांग्रेस के महासचिव और महाराष्ट्र के प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्य इकाई के अन्य नेताओं ने मार्च में भाग लिया, जो अगस्त क्रांति मैदान के पास तेजपाल हॉल में ध्वजारोहण समारोह के बाद शुरू हुआ।

इसी हॉल में 1885 में कांग्रेस पार्टी की नींव रखी गई थी। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मार्च शुरू होने से पहले अगस्त क्रांति मैदान में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।

पटना में भी रैली
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटना में भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रैली निकाली।

शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच देश के कई शहरों में शांतिपूर्ण रहा विरोध-प्रदर्शन

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में शुक्रवार को कई शहरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। बीते हफ्ते कई शहरों में हुई हिंसा को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और कई शहरों में इंटरनेट सेवा निलंबित थी। ज्यादातर जगहों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

राजधानी दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बीच जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद हजारों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और कानून के खिलाफ नारेबाजी की। यूपी भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया। जामिया समन्वय समिति के ये लोग यूपी में प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती का विरोध करने जुटे थे।

एहतियातन लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन बंद करना पड़ा। उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। पीएम आवास की ओर जा रहे भीम आर्मी के सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया। राजस्थान के अजमेर शहर में दरगाह के खादिम समेत सैकड़ों मुस्लिमों ने मार्च निकाला और दरगाह के दीवान जैनुल अबेदिन अली खान का पुतला जलाया।
लोगों ने सरकार से कानून वापस लेने की मांग की। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। ये लोग बिना अनुमति के एकत्र हुए पुतला जलाया। कोलकाता में पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा समेत वरिष्ठ वाम नेताओं ने विरोध में मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।